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यहां सोती रही पुलिस और तीन दुकानों से चोर उड़ा ले गए नगदी और सामान

कस्बे समेत क्षेत्र के गांवों में पिछले लंबे समय से जारी चोरियों का सिलसिला

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जालोर

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Jogesh Lohar

Dec 29, 2017

Theft

Theft in Ahore

आहोर. कस्बे समेत क्षेत्र में पिछले लंबे समय से जारी चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस की शिथिल कार्यप्रणाली के चलते चोरी की वारदाते दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन इनकी रोकथाम को लेकर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे है तथा वे बेखौफ होकर एक के बाद एक सेंधमारी की वारदात को अंजाम दे रहे है लेकिन पुलिस केवल हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
कस्बे में बुधवार रात को चोरों ने एक साथ तीन दुकानों के ताले तोड़कर सेंधमारी की वारदात घटित की। चोर दुकानों में से नकदी समेत अन्य सामान चुराकर ले गए। चोरी की बढ़ती वारदातों व पुलिस की नाकामी को लेकर आमजन में पुलिस के प्रति रोष है। चोरों ने रात को कस्बे में प्राइवेट बस स्टैण्ड पर स्थित अमरसिंह रावणा राजपूत की नागणेशी मसाला उद्योग दुकान के ताले तोड़कर करीब १३ हजार नकद, सरकारी हॉस्पीटल के समीप स्थित झालाराम देवासी की मेडिकल की दुकान के ताले तोड़कर पांच हजार नकद तथा प्राइवेट बस स्टैण्ड पर स्थित भंवरलाल खारवाल के केबिन को तोड़कर टायर व ट्यूब चुराकर ले गए। गुरुवार सवेरे सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। पीडि़त दुकानदारों की ओर से चोरी की वारदात को लेकर थाने में रिपोर्ट दी गई।
सीसीटीवी में कैद हुए फुटेज
प्राइवेट बस स्टैण्ड पर स्थित एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में दो चोरों के फुटेज कैद हुए है। हालांकि इसमें चोरों के चेहरे स्पष्ट नजर नहीं आ रहे है। चोरों ने टोपी व शॉल ओढ़ी हुई है तथा उनके मुंह भी कपड़े से ढंके हुए हैं। फुटेज के अनुसार दोनो चोर अल सुबह करीब 5.45 बजे नागणेशी मसाला उद्योग दुकान की तरफ गए तथा करीब 17 मिनट के बाद वापस लौट आए।
कुछ ही दूरी पर स्थित है दुकानें
गौरतलब है कि चोरों ने रात्रि में जिन दुकानों के ताले तोड़कर सेंधमारी की वारदात को अंजाम दिया। उक्त तीनों दुकानेथाने से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस प्रकार की वारदाते पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करती है।
औपचारिक मात्र पुलिस की गश्त
कस्बे में संदिग्ध गतिविधियों व चोरियों की रोकथाम को लेकर पुलिस की ओर से की जा रही रात्रिकालीन गश्त केवल औपचारिक मात्र है। यही कारण है कि पुलिस की गश्त होने के बावजूद चोरों द्वारा बेखौफ होकर लगातार सेंधमारी की वारदाते घटित की जा रही है। लेकिन पुलिस इन चोरों को पकड़ नहीं पा रही है।