www.patrika.com/rajasthan-news
भीनमाल. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की रोकथाम को लेकर चल रहे लॉक डाउन में शहर के दर्जनों मौहल्ले के लोग पेयजल संकट झेलने को मजबूर हंै। गर्मी बढऩे के साथ ही जलस्रोतों पर भूमिगत जलस्तर गहरा रहा है, लेकिन ट्यूबवैल पर मोटर-पंप की लोरिंग नहीं बढ़ रही है। खासकर जलदाय विभाग के धनवाड़ा पेयजल स्रोत से जुड़ी आबादी के बाशिन्दें पेयजल संकट झेलने मजबूर है। इतना कुछ होने के बाद भी गर्मी को लेकर विभाग के कारिंदे हाथ पर हाथ धरे बैठे है। विभाग में गर्मी के मौसम को लेकर नए ट्यूबवैल के प्रस्ताव तक नहीं भेेजे है। इसके अलावा जलस्तर गहराने से ट्यूबवैल में मोटर-पंप की लोरिंग भी नहीं बढ़ाई गई है। यहां के बाशिन्दों का कहना है कि जलदाय विभाग की ओर से सात-आठ दिन में एक बार पानी की आपूर्ति हो रही है, लेकिन पिछले 15 दिनों से पानी आपूर्ति का समय कम कर दिया है। पहले ढाई-तीन घंटे पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन एब डेढ घंटे ही पानी की आपूर्ति होती है। गर्मी को लेकर विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। खासकर ट्यूबवैल में पंप की लोरिंग नहीं बढ़ाने से समस्या आ रही है। जुंजाणी रोड व पूनासा रोड के बाशिन्दों का कहना है कि लॉक डाउन की वजह से आर्थिक तंगी में पानी के टैंकर भी नहीं मंगवा पा रहे है। खासकर कमजोर व गरीब तबके के लोगों के लिए पानी के टैंकर मंगवाना भी चुनौती बन रहा है।
पहले 16, अब 8 घंटे
शहर के एक तिहाई आबादी को धनवाड़ा पेयजल स्रोत से पानी की आपूर्ति होती है। यहां से जलदाय विभाग को रोजाना 10-12 लाख लीटर पानी मिलता है, लेकिन गर्मी बढऩे के साथ अब इन ट्यूबवैल से पानी रसातल में पहुंच रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धनवाड़ा में सर्दी के मौसम में 16 घंटे तक ट्यूबवैल से पानी का दोहन होता थे, लेकिन पिछले 15 दिन में महज आठ घंटे ही दोहन हो पाता है। लोरिंग नहीं बढऩे का खामियाजा शहर के बाशिन्दों को भुगतना पड़ रहा है।
पाइप लाइन लीकेज थी
धनवाड़ा जलस्रोत से पानी आपूर्ति की पाइप लाइन लीकेज हुई थी, उसे दुरस्त कर दिया है। ट्यूवबैल पर मोटर-पंप की लोरिंग भी बढ़ाई है। अब स्थिति सुधरेगी।
- केसी सिंगारिया, अधिशाषी अभियंता, जलदाय विभाग-भीनमाल