
फोटो- पत्रिका
जालोर। बजरी माफियाओं से सांठगांठ और बजरी के अवैध परिवहन को शह देने के मामले में एसपी शैलेंद्रसिंह इंदौलिया ने जसवंतपुरा और भीनमाल थाने के दो कांस्टेबलों को सस्पेंड किया है। दोनों को इस प्रकरण में संदिग्ध संलिप्तता के कारण लाइन हाजिर किया गया। मामला 11 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के कारण चर्चा में आया।
करीब 3 मिनट के इस ऑडियो में एक व्यक्ति और जसवंतपुरा थाने की सुंधा माता चौकी के कांस्टेबल भंवरलाल के बीच अवैध बजरी खनन और परिवहन के मामले में उगाही की चर्चा थी। इस ऑडियो में कांस्टेबल ने बजरी से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने की एवज में 10 हजार रुपए की मांग की थी। चर्चा में संबंधित बजरी माफिया की ओर से रुपए भेजने के लिए स्कैनर की मांग करने और 5 हजार रुपए पर सौदा तय नहीं होने का जिक्र था। जांच के बाद कांस्टेबल भंवरलाल की संदिग्ध भूमिका पर उसे सस्पेंड किया गया।
युवक और सुंधा चौकी के कांस्टेबल भंवरलाल के बीच चर्चा के इस ऑडियो में संबंधित व्यक्ति भीनमाल के दिनेश का जिक्र करता है। चर्चा में युवक ने कहा कि दिनेश तो ट्रैक्टर पर चढ़े और उसके बाद उसे छोड़कर चले भी गए। बजरी से भरे ट्रैक्टर के परिवहन के मामले में बजरी माफिया को शह देने में संदिग्ध भूमिका पर दिनेश को भी सस्पेंड किया गया।
जालोर जिले की बात करें तो बिशनगढ़, जालोर, आहोर, सायला, जसवंतपुरा बजरी खनन के प्रमुख केंद्र हैं। इन क्षेत्रों से पुलिस की शह से बजरी के अवैध खनन के आरोप लगते रहते हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती ही होती है। बता दें कि इस मामले में 12 जनवरी को राजस्थान पत्रिका ने ‘बजरी से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने और मंथली वसूली का ऑडियो वायरल, कांस्टेबल आरोपी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और जांच के साथ कार्रवाई की।
वायरल ऑडियो की तथ्यात्मक जांच करवाई गई। ऑडियो पांच-छह माह पूर्व का था, लेकिन कांस्टेबल की भूमिका की जांच के बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है।
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Updated on:
15 Jan 2026 03:24 pm
Published on:
15 Jan 2026 03:21 pm

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