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jammu kashmir : पुलवामा हमले के शहीदों का बलिदान सदैव​ दिलों में अंकित रहेगा

jammu kashmir : पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल और सेना ने भी उनके बलिदान को याद किया।

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jammu kashmir

पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।

jammu kashmir : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को वर्ष 2019 में आज ही के दिन jammu kashmir में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों को श्रद्धांजलि दी। सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वर्ष 2019 के जघन्य पुलवामा हमले के साहसी शहीदों को हार्दिक श्रद्धांजलि। मातृभूमि की सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। हमारे वीर नायकों का साहस और निस्वार्थ प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने लेथपोरा पुलवामा में जवानों को श्रद्धांजलि दी। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए लेथपोरा में समारोह आयोजित किया गया और सभी बलों तथा नागरिक प्रशासन के अधिकारी इस समारोह में शामिल हुए। सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने पुलवामा हमले की बरसी पर सीआरपीएफ की अटूट भावना का सम्मान किया।

jammu kashmir : सेना ने भी श्रद्धांजलि

सेना ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि चिनार योद्धा सीआरपीएफ बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने पुलवामा हमले के दौरान कर्तव्य को निभाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका बलिदान सदैव हमारे दिलों में अंकित रहेगा। सीआरपीएफ की अदम्य भावना को सलाम, जो हमारे राष्ट्र की सुरक्षा और कश्मीर में शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए सबसे कठिन चुनौतियों का सामना करना जारी रखता है।

40 जवान हुए थे शहीद

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जैश-ए-मोहम्मद के एक स्थानीय आत्मघाती हमलावर आदिल डार ने लेथपोरा पुलवामा में अपनी विस्फोटक से भरी कार को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया, जिसमें बल के 40 जवान मारे गए। हमले के बाद बालाकोट हवाई हमला किया गया, जिसमें जैश के ठिकाने को ध्वस्त करके 300 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। एक दिन बाद पाकिस्तान ने फिर हमला किया, जिससे दोनों देशों के बीच एक संक्षिप्त लड़ाई शुरू हो गई। पुलवामा हमले ने भारत और पाकिस्तान को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया था।