
Farooq Abdullah
(जम्मू): जम्मू—कश्मीर मुद्ये ( Jammu Kashmir Issues ) को सुलझाने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump On Kashmir ) से मध्यस्ता की बात को भारत ने हर तरह से नकार दिया है। जम्मू—कश्मीर के नेता इस बात पर अलग राग अलाप रहे है। नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah ) ने कहा कि ''पीएम मोदी ने अगर डोनाल्ड ट्रंप से बात करते समय कश्मीर मुद्ये को सुलझाने के लिए मध्यस्ता की बात कही तो यह बहुत खुशी की बात है। बता दें कि फारूक अब्दुल्ला की ओर से ऐसे समय पर यह बयान सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ी है।
मोदी को दी बधाई
एएनआइ के मुताबिक फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ''यह खुशी की बात है कि जब पीएम मोदी ने ट्रम्प से बात की तो उन्होंने उनसे कहा था कि कश्मीर मुद्दा जटिल है और अगर कुछ मदद मिल सकती है तो अच्छा होगा।'' इसी के साथ कश्मीर मुद्ये को लेकर फारूख ने कहा कि ''मैं मोदी जी को बधाई देता हूं, वह भी इस मुद्दे को हल करने के लिए हर उस चीज का उपयोग करना चाहते हैं जो भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पैदा कर रही है।''
इमरान और ट्रंप में हुई बात
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों अमरीका के दौरे पर है। सोमवार को इमरान खान ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। दोनों की मुलाकात के दौरान पत्रकारों की ओर से जब कश्मीर मुद्ये को लेकर सवाल पूछा गया तो ट्रंप ने जवाब दिया था कि पीएम मोदी ने कश्मीर मुद्ये को सुलझाने के लिए उनसे मध्यस्ता की बात कही थी।
भारत ने ट्रंप के बयान को नकारा
ट्रंप के इस बयान को भारत ने पूरी तरह नकार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने कड़े शब्दों में ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए खंडन किया कि पीएम मोदी की ओर से इस तरह का कोई भी आग्रह नहीं किया गया है। रविश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी की कश्मीर को लेकर भारत का रूख बिल्कुल भी नहीं बदला है। इस मुद्ये का हल केवल द्विपक्षीय वार्ता से होगा।
सदन में गूंजा मुद्या,विदेश मंत्री बोले...
मंगलवार को राज्यसभा में भी इस मामले की गूंज रही। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन से कहा कि "मैं सदन को स्पष्ट रूप से आश्वस्त करना चाहूंगा कि पीएम मोदी द्वारा ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया है।''
अमरीका ने बनाई दूरी
इधर खुद अमरीका ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से दूरी बना ली है। अमरीकी सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा कि कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय वार्ता से सुलझने वाला मुद्या है। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। तब जाकर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता सार्थक होगी है।
Updated on:
23 Jul 2019, 6:44 PM IST
Published on:
23 Jul 2019, 6:27 PM IST
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