प्रपत्र 'क' का गठन पोटका के तत्कालीन बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने किया था, लेकिन, इस मामले में अभी भी अग्रेतर कार्रवाई नहीं हो सकी है। उप विकास आयुक्त ने कार्रवाई के लिए विभाग को स्मार पत्र लिखा है। इस घोटाले की जांच ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने की थी।
उन्होंने पाया कि योजना में बिना काम कराए ही सारी रकम निकाल ली गई। जबकि, यहां तालाब निर्माण में 16 लाख की निकासी व अड़लीडुंगरी की योजना में कार्रवाई नहीं हुई।
तीन साल की योजनाओं की जांच
जानकारी के अनुसार, उप विकास आयुक्त विनोद कुमार ने पोटका प्रखंड की पंचायत कालिकापुर में मनरेगा के तहत तीन वित्तीय साल 2012-13, 13-14 और 14-15 में हुए कामों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम बना दी है।
यह जांच कार्यपालक दंडाधिकारी धालभूम राजश्री बाखला और ग्रामीण विकास विभाग के लेखापाल दिनेश रजक करेंगे। इसमें सारे अभिलेख, कैश बुक, पास बुक, योजना पंजी आदि का मिलान करने का आदेश है।