
शहर में जल संकट से निपटने वे अपनी 20 लोगों की टीम
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला के जलापूर्ति प्रभारी राजीव सिंह बैस शामिल हुए। उन्होंने बताया कि शहर में जल संकट से निपटने वे अपनी 20 लोगों की टीम के साथ 15 से 18 घंटे तक डटे रहते हैं, तब जाकर लोगों को पानी मिल पाता है।
जांजगीर शहर जल संकट से विगत 15 से अधिक वर्षों से जूझ रहा है। ऐसा नहीं है कि जल संकट से निपटने कोई प्रयास नहीं किया गया, लेकिन अब तक किए गए प्रयास कारगर साबित नहीं हुए हैं। पहले शहर को जिला मुख्यालय का दर्जा मिला, फिर जिले के औद्योगिकीकरण से जांजगीर की आबादी बढ़ती गई। इससे जल संकट से निपटने पालिका द्वारा एक विशेष टीम बनाई जाने लगी और इस टीम की कमान राजीव सिंह बैस के पास है,
जिनके नेतृत्व में शहर में जलापूर्ति निरंतर की जा रही है। बैस ने बताया कि शहर में जलापूर्ति करने 20 कर्मचारियों को लगाया गया है, जो दिन-रात एक कर लोगों तक पानी पहुंचा रहे हैं। शहर की आबादी बढऩे के साथ क्षेत्रफल भी बढ़ा है, जिसके लायक संसाधन जुटाना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने बताया कि विगत वर्षों तक पालिका के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे, लेकिन पिछले वर्ष नए नलकूप का खनन व टैंकर उपलब्धता से इस वर्ष कार्य में आसानी हुई है, फिर भी 15 घंटे तक कार्य करना पड़ रहा है। समय गुजरने के साथ जलस्रोत में और भी गिरावट दर्ज होगी, जिसके बाद कार्य का समय बढ़ जाता है।
वह स्वयं अपनी टीम के सदस्यों के साथ 18 घंटे तक कार्य करते हैं। पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती, कई बार तो ऐसी स्थिति आती है कि जहां फुर्सत मिला, वहीं एक झपकी ले लिए और फिर काम में लग गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद भी उनके टीम के सदस्यों के जोश में कमी नहीं आती। जलापूर्ति को लेकर शिकायतों के संबंध में बताया कि सभी लोग अपने समय पर पानी चाहते हैं और इसके लिए उन्हें बार-बार फोन करते हैं, लेकिन सबको एक साथ पानी पहुंचाना संभव नहीं होता।
ऐसी स्थिति में लोगों को बड़े धैर्य के साथ समझाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि शहर में नगर पालिका द्वारा 365 बोर कराया गया है, जिसमें से वर्तमान में 196 बोर से पानी निकल रहा है। समय के साथ 140 से 150 बोर से ही पानी निकलता है। उन्होंने बताया कि लोगों तक पानी पहुंचाने चार स्थानों पर 350 फीट गहराई की बोर का सहारा लिया जाता है। 13 टैंकर को तीन ट्रैक्टर के इंजन के माध्यम से वार्डों तक भेजा जाता है।
जनप्रतिनिधियों का मिलता है सहयोग
शहर में जलापूर्ति व्यवस्था बनाने में लगे बैस बताते हैं कि इस संबंध में लोगों की शिकायतों का समाधान करने वार्ड पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलता है। सभी लोगों को धैर्य बनाए रखने के साथ पालिकाकर्मियों का सहयोग करने आग्रह करते हैं। लोगों को समझाइश देकर माहौल बिगडऩे से बचाने जनप्रतिनिधि पूरा साथ देते हुए वार्डों में लोगों से सतत संपर्क बनाए रखते हैं।
Published on:
02 Apr 2018 08:28 pm

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