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डीएलएड परीक्षा में नकल मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप

- शिकायतकर्ता छात्र ने दिया 9 अगस्त तक का समय -10 अगस्त से कचेहरी चौक में बैठेगा आमरण अनशन पर

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डीएलएड परीक्षा में नकल मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप

डीएलएड परीक्षा में नकल मामले में निष्पक्ष जांच न होने का आरोप

जांजगीर-चांपा. पामगढ़ स्थित शासकीय महामाया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 31 मई से दो जून तक हुई डीएलएड की परीक्षाओं में हुए नकल के प्रकरण में अब तक न तो एसडीएम की जांच किसी नतीजे पर पहुंची और न ही जिला शिक्षा अधिकारी अब तक राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीय शिक्षा संस्थान रायपुर (एनआईओएस) के अध्यक्ष डॉ. सीबी शर्मा और क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एके भट्ट को जांच रिपोर्ट भेज पाए हैं। ऐसे में प्रार्थी मुरली मनोहर शर्मा काफी निराश हो चुका है और उसका कहना है कि आज के समय में सच के लिए लड़ाई लडऩा मूर्खता है। उसका कहना है कि उसने जो कदम बढ़ाया है वह पीछे नहीं लेगा अब चाहे उसमें उसकी जान ही क्यों न चली जाए।

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छात्र मुरली का कहना है कि उसने एसडीएम को लिखित में ज्ञापन दिया है, जिसमें साफ.-साफ लिखा है कि यदि नौ अगस्त तक जांच में कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो वह 10 अगस्त से कचेहरी चौक में आमरण अनशन पर बैठेगा और तब तक जल अन्न ग्रहण नहीं करेगा, जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती है।

मुरली मनोहर शर्मा ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को दिए पत्र में लिखा है कि महामाया विद्यालय स्कूल में डीएलएड परीक्षा के दौरान हुई नकल के प्रकरण को उठाने के लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक मामले में कोई कार्रवाई या जांच पूरी नहीं हुई है। उलटा आरोपी पक्षा द्वारा उस पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। जांच के दौरान जहां मुरली की नौकरी एक निजी स्कूल से छीन ली गई वहीं आरोपी महामाया विद्यालय का प्रभारी प्रचार्य राजेंद्र शुक्ला अभी भी अपने पद पर बना हुआ है और खुलेआम उसके ऊपर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

मुरली का कहना है कि शुक्ला द्वारा उसे फोन कर कही गई बातों की रिकार्डिंग भी एसडीएम को सौंपी गई हैए लेकिन उसे भी सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वह काफी निराश है और प्रशासन की जांच से उसका विश्वास उठता जा रहा है। मुरली ने पत्र में लिखा है कि वह नौ अगस्त तक और जांच पूरी होने का इंतजार करेगा। यदि जांच कर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह दस अगस्त से कचेहरी चौक में आमरण अनशन पर बैठेगा। उसने यह भी लिखा कि इस दौरान यदि उसके या उसके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।