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डंडे के बल पर स्कूली बसों व यात्री गाडिय़ों का हो रहा अधिग्रहण

विकास यात्रा की तैयारी में जुटा प्रशासन
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 25 May 2018, 6:36 PM IST

विकास यात्रा की तैयारी में जुटा प्रशासन

विकास यात्रा की तैयारी में जुटा प्रशासन

जांजगीर-चांपा. 28 मई व 1 जून को जिले में मुख्य मंत्री की विकास यात्रा है। इसके लिए भीड़ जुटाने के लिए अफसरों व जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ जुटाने के लिए वाहनों की जरूरत पड़ेगी। जिसके लिए डीटीआई व डीईओ को जिम्मेदारी दी गई है।

डीईओ द्वारा जिले के 500 स्कूली बसों को अधिग्रहित कर गांव-गांव भेजेंगे तो वहीं डीटीओ ट्रांसपोर्टरों व निजी वाहन संचालकों के वाहनों को अधिग्रहित करेंगे। इसके लिए वाहन स्वामियों को फोन लगाकर अलर्ट किया जा रहा है। वाहन स्वामियों को फोन कर साफ कहा जा रहा है कि २८ मई व एक जून के विकास यात्रा के लिए वाहनों की जरूरत है। वे अपने वाहन उनके कार्यालय में चालक व डीजल समेत सौंपें। ताकि वाहनों का इस्तेमाल विकास यात्रा में यात्री ढोने का काम आएगा।

चाहे स्कूली बसें हो या फिर निजी बस स्वामी या पिकप संचालक हो। सारे के सो वाहनों का इस्तेमाल विकास यात्रा में सवारी ढोने इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर ने डीटीओ और डीईओ को जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि डीईओ के कर्मचारी वाहन स्वामियों को फोनकर इत्तेला देना शुरू कर दिया है। उन्हें साफ साफ कहा जा रहा है कि बहानेबाजी न करते हुए वे अपने वाहनों को प्रशासन के पास चालक हेल्पर के साथ एक दिन पहले सौंपें।


नहीं मिलेगा डीजल व अन्य खर्च
बताया जा रहा है कि प्रशासन डंडे के बल पर वाहन का अधिग्रहण करना चाह रही है। वाहनों स्वामियों को साफ कहा जा रहा है कि वाहनों के साथ उसमें सर्याप्त इंधन की व्यवस्था हो।

इतना ही नहीं चालक व हेल्पर भी साथ हो। इसके लिए उन्हें किसी तरह का प्रशासनिक खर्च नहीं दिया जाएगा। सारा खर्च वाहन स्वामियों को ही भुगतान करना पड़ेगा। प्रशासन के आदेश पाकर वाहन स्वामी सकते में हैं। क्योंकि उन्हें हर हाल में वाहनों में हजार से दो हजार रुपए का डीजल भराना पड़ेगा। इसके अलावा वाहन चालक व हेल्पर का यात्रा भत्ता भी खुद के मद से देना पड़ेगा।


वाहन स्वामी कर रहे बहानेबाजी
वाहन स्वामी प्रशासन के आदेश को सुनकर बहानेबाजी करना चाह रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक अफसर उनकी बहानेबाजी को देखते हुए जोर भी नहीं दे पा रहे हैं। क्योंकि वाहन स्वामी ऐसी दलीलें दे रहे है जिसे सुनकर अफसरों के भी होश गायब हो जा रहे हैं।

एक ओर स्कूली बस संचालकों का कहना है कि इन दिनों स्कूली बसें मेंटेनेंस के लिए बाहर गया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर यह भी दलील दी जा रही है कि स्कूली बसों के चालकों की छुट्टी कर दी गई है। जिसके चलते उन्हें बुला पाना संभव नहीं है। ऐसी दलीलों को सुनकर अफसरों के भी कान खड़े हो जा रहे हैं।


अधिग्रहण कराने के लिए आदेश मिला
विकास यात्रा को लेकर वाहनों के अधिग्रहण कराने के लिए आदेश मिला है। जिसका पालन करते हुए स्कूली बसों के अधिग्रहण करने के लिए संचालकों को आगाह किया जा रहा। इसके लिए डीटीओ को स्कूली बसों की लिस्ट दी गई है।
-जीपी भास्कर, डीईओ

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