
अनुमोदन न विज्ञापन और सहकारी समितियों में हो गई कर्मचारियों की भर्ती
जांजगीर-चांपा. गौरतलब है कि वर्तमान में सेवा सहकारी समितियों में संचालक मंडल भंग है जिससे समितियों में उप पंजीयक कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है जिनके द्वारा ही सांठगांठ कर यह सारा खेल खेला जा रहा है। प्रबंधक, विक्रेता, लिपिक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों पदों में रखने के लिए मुंहमांगी रकम मांगी जा रही है और गुपचुप तरीके से सारे नियम-कायदों को दरकिनार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विज्ञापन निकाले बिना ही अपने चेहतों को फाइनल तक कर लिया गया है और उनके नामों की सूची भी तैयार हो गई है। जैजैपुर ब्लॉक में इसी तरह से चेहतों को आधा दर्जन से अधिक समितियों में प्रबंधक, विक्रेता, लिपिक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों की फर्जी तरीके से भर्ती किए जाने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। इसकी शिकायत भी क्षेत्रीय विधायक केशव प्रसाद चंद्रा के द्वारा संबंधित विभाग में लिखित में की गई है। शिकायत के बाद जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। बता दें इस मामले में खजुरानी के ग्रामीणों के द्वारा २८ अगस्त को विधायक केशव प्रसाद चंद्रा के पास खजुरानी सोसायटी में फर्जी भर्ती को लेकर शिकायत की गई थी जिसके बाद विधायक ने मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचाई।
इन समितियों में फर्जी भर्ती की शिकायत
जैजैपुर विधायक ने विगत ५ सितंबर को इसकी शिकायत कलेक्टर से की है। शिकायत के अनुसार विशेष सूत्रों से पता चला है कि उनके विस क्षेत्र जैजैपुर के सेवा सहकारी समिति खजुरानी, नंदेली, कुटराबोड़, कचंदा, हरदीडीह, दतौद एवं तुषार में विक्रेता की नियुक्ति की गई है। जिसके प्रभारी अधिकारी भूपेन्द्र साहू सीईओ एवं सुशील सूर्यवंशी सीईओ जो सहकारी संस्था के अधिकारी है। पूर्व में भी सेवा सहकारी समिति तुषार में लिपिक, विक्रेता एवं भृत्य की फर्जी शिकायत में उपं पंजीयक कार्यालय से जिन प्रभारी अधिकारी के द्वारा नियुक्ति की गई है उनको को जांच टीम में रखा गया है। जिसके कारण आज पर्यंत तक जांच नहीं हुई। जिला सहकारी बैंक से दबाव बनाकर ४ से ६ माह का वेतन भी इन कर्मचारियों के खाते में जमा करवा दिया गया है। फर्जी तरीके से लेन-देन नियुक्ति मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्व उचित कार्रवाई की मांग संबंधी ज्ञापन कलेक्टर से की गई है।
क्या है नियम
सेवा सहकारी अधिनियम के तहत सेवा सहकारी समितियों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए नियमानुसार समिति में जितने पद खाली होते हैं, उन पदों को भरने के लिए संबंधित उप पंजीयक कार्यालय से अनुमोदन कराकर विज्ञापन प्रकाशन कराना होता है। साथ ही कोटवार के माध्यम से मुनादी करानी होती है। इसके बाद आवेदन जमा लिया जाता है। फिर पात्र उम्मीदवार को नियुक्ति दी जाती है मगर जैजैपुर ब्लॉक के समितियों में इन नियमों को दरकिनार करते हुए बिना अनुमोदन और विज्ञापन निकाले ही अपने चेहतों की नियुक्ति दे दी गई है और इसके एवज में मोटी रकम लेने की बात सामने आ रही है। बहरहाल इस मामले की विधायक के द्वारा शिकायत करने के बाद जांच टीम तो बना दी गई है लेकिन जांच कब तक पूरी हो पाएगी यह अधिकारी ही बात सकते हैं। बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत की जांच करने के लिए राज्य के अधिकारी की टीम समितियों में पहुंची थी मगर इस संबंध में जिले के अधिकारी अनभिज्ञ जाहिर कर रहे हैं कि बाहर से टीम आई थी तो उन्हें सूचना नहीं है।
वर्जन
जैजैपुर विस क्षेत्र के कुछ समितियों में फर्जी तरीके से बंधक, विक्रेता, लिपिक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती किए जाने संबंधित शिकायत जैजैपुर विधायक केशव प्रसाद चंद्रा के द्वारा की गई है। मामले में जांच के लिए अंकेक्षण अधिकारी आरडी घृतलहरे को जिम्मा सौंपा गया है। जांच के संबंध में वे ही बता पाएंगे।
सीएस जायसवाल, तात्कालिन प्रभारी उप पंजीयक सहकारी सेवाएं जांजगीर
Published on:
24 Sept 2022 09:10 pm

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