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भगवान भरोसे जिला मुख्यालय का बीएसएनएल दफ्तर

बीएसएनएल के कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी का केबल आए दिन चोरी होते रहता है। जिसके चलते इंटरनेट सहित अन्य सुविधाएं बंद रहती है। शहर में एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक केबल लाइन का विस्तार किया गया है। जिसे चोर सरकारी संपत्ति अपनी संपत्ति की तरह चोरी कर लेते हैं। केबल चोरी होने के बाद इसकी मरम्मत के लिए उपर से कारीगर आते हैं

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भगवान भरोसे जिला मुख्यालय का बीएसएनएल दफ्तर

भगवान भरोसे जिला मुख्यालय का बीएसएनएल दफ्तर

जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय का बीएसएनएल दफ्तर भगवान भरोसे होकर रह गया। दफ्तर में न तो कोई कप्लेन सुनने वाला है और न किसी तरह की शिकायतों का समाधान करने वाला है। लोग शिकायत करते बीएसएनएल दफ्तर जाते हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पाती।
जिला मुख्यालय में संचार सुविधा बेपटरी हो चुकी है। बीएसएनएल दफ्तर में न तो पर्याप्त स्टॉफ और न ही शिकायतों का समाधान करने वाला। अलबत्ता शहर के हजारों उपभोक्ताओं को इस कंपनी से मोहभंग होते जा रहा है। सरकार का सबसे बड़ा उपक्रम की यहां मटियामेट हो चुका है। जिसका कारण है यहां पर्याप्त स्टॉफ का न होना। लोग इंटरनेट ब्रॉडबैंड सहित अन्य समस्याओं को लेकर दफ्तर पहुंचते हैं, लेकिन कर्मचारी नहीं होने की वजह से सिस्टम में सुधार नहीं हो पाता। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। जिला मुख्यालय में तकरीबन ५०० से अधिक उपभोक्ता हैं, जो बीएसएनएल कंपनी की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को खून के आंसू रोना पड़ रहा है। क्योंकि आए दिन बीएसएनएल की सुविधा डिस्टर्व रहती है। इंटरनेट सहित अन्य सुविधा बदहाल होने के कारण उपभोक्ताओं को निजी कंपनी की मोबाइल सहित अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करना पड़ता है।

आए दिन हो जाती है केबल की चोरी
बीएसएनएल के कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी का केबल आए दिन चोरी होते रहता है। जिसके चलते इंटरनेट सहित अन्य सुविधाएं बंद रहती है। शहर में एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक केबल लाइन का विस्तार किया गया है। जिसे चोर सरकारी संपत्ति अपनी संपत्ति की तरह चोरी कर लेते हैं। केबल चोरी होने के बाद इसकी मरम्मत के लिए उपर से कारीगर आते हैं। मरम्मत के नाम पर हफ्तों लग जाता है। तब तक उपभोक्ताओं को अन्य सुविधाओं से काम चलाना पड़ जाता है।

चंद स्टॉफ वे भी छुट्टी में
बीएसएनएल दफ्तर में तकरीबन आधा दर्जन कर्मचारियों का सेटअप है, लेकिन दो तीन कर्मचारियों की पोस्टिंग है। इतने कम कर्मचारियों में यदि कोई छुट्टी पर चला जाए तो दफ्तर में सन्नाटा पसर जाता है। सोमवार को भी कुछ इसी तरह की समस्याओं से दफ्तर जूझ रहा था। सुबह से लेकर शाम तक दफ्तर में मात्र एक कर्मचारी था। शहर के कुछ लोग उनके पास कंप्लेन लेकर जा रहे थे तब उनका कहना था कि आफिस के कई स्टॉफ छुट्टी पर हैं। जिसके चलते काम काज प्रभावित हो रहा है। फिर भी शिकायतों के समाधान के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं। जिनके द्वारा शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।

वर्जन
जिला मुख्यालय में तकरीबन चार सौ से अधिक कनेक्शन है। वहीं यहां कर्मचारियों की समस्या है। जो कर्मचारी हैं वे छुट्टी पर हैं। जिसके चलते काम काज प्रभावित हो रहा है। फिर भी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।
-एसके अग्रवाल, डिविजनल इंजीनियर बीएसएनएल