
छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ी, अब हर महीने मिलेंगे 35 हजार रुपए
जांजगीर-बम्हनीडीह/संजय राठौर. Business Opportunity: यदि आप छोटे बिजनेस में इनवेस्ट करके ज्यादा कमाने का प्लान कर रहें हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के (नवीन शराफ) बम्हनीडीह ब्लाक के ग्राम सरवानी की 23 साल की की छोटी उम्र में दीक्षा महंत ने आपदा को ही अवसर बना लिया।
आज मशरूम उत्पादन कर वह लखपति बन गई। एमएससी (गणित) में पढ़ाई कर कोरबा में जॉब की तलाश की। कुछ जॉब मिले भी, लेकिन कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते उसकी जॉब छिन गई। उसने दिमाग लगाया और मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) के लिए प्रशिक्षण लिया। आज वह हर माह चार से पांच लाख रुपए का मशरूम बेच रही है।
उसके मशरूम की डिमांड इतनी अधिक है कि वह पूर्ति नहीं कर पा रही है। 400 रुपए किलो होने के बाद भी इसकी डिमांड बहुत है। ऐसे दौर में दीक्षा हर रोज 40 से 50 किलो मशरूम का उत्पादन कर रही है। इससे उसे 20 हजार रुपए हर रोज मिल रहे हैं, यानी महीने में 6 लाख रुपए। जो किसी क्लास वन अफसर की कमाई से अधिक है।
डिमांड अन्य प्रदेशों में
दीक्षा महंत ने बताया कि उसके मशरूम की डिमांड जिले के अलावा अन्य प्रदेशों में है। सीमावर्ती राज्य ओडिशा मध्यप्रदेश के अलावा अन्य कई प्रदेशों में मशरूम की डिमांड हो रही है। सुबह के उत्पाद को जिले में खपाती है। वहीं शाम के उत्पाद को रातों रात ओडि़शा मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में सप्लाई कर देती है। डिमांड की खास वजह यह है कि मशरूम में क्वालिटी है।
नहीं ली सरकारी मदद
दीक्षा महंत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं लिया। घर में मशरूम उत्पादन के लिए शेड का निर्माण किया और इसके लिए जरूरी संसाधन जुटाकर बारिश के पूर्व ही काम शुरू कर दिया। अब वह सेल्फ डिपेंड होकर घर चला रही है।
Published on:
05 Sept 2021 06:38 pm

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