जांजगीर चंपा

CG Dhan Kharidi: सरकार के दावे खोखले, कई किसानों को नहीं मिली धान की राशि..

CG Dhan Kharidi: जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी में सरकार के दावे खोखले साबित हो रहा है। दिलचस्प बात यह है कि किसानों के धान के अंतर की राशि उनके खाते में आ चुकी है। ऐसे में किसान अच्छे खासे परेशान हैं।

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धान खरीदी में डिजिटल क्रांति! CM साय की नीति से किसानों को मिला पूरा भुगतान, जानें पूरी डिटेल...(photo-patrika)

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी में सरकार के दावे खोखले साबित हो रहा है। क्योंकि एक सप्ताह में धान के पैसों का भुगतान करना है, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी किसानों का पैसा अब तक नहीं मिला है। दिलचस्प बात यह है कि किसानों के धान के अंतर की राशि उनके खाते में आ चुकी है। ऐसे में किसान अच्छे खासे परेशान हैं।

किसान बैंक के अफसरों से लगातार फोन लगाकर संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकल पा रहा है। जिले में ऐसे सैकड़ों किसान सामने आए हैं जो पिछड़े पखवाड़े भर से परेशान हैं। सरकार ने धान की राशि 72 घंटे में देने का दावा की थी लेकिन यह दावा केवल कागजों तक सीमित रह गया। जिले के सैकड़ों किसान ऐसे हैं जिन्हें आज तक धान के पैसों का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके चलते किसान परेशान हैं।

CG Dhan Kharidi: किसान परेशान..

किसानों का कहना है कि वे बैंक के अधिकारियों व समिति प्रबंधकों से अपनी पीड़ा का बयां कर चुके हैं। बावजूद उन्हें पैसे नहीं मिले हैं। ऐसे में किसान दर-दर भटकने मजबूर हैं। बम्हनीडीह ब्लाक के गौरव ग्राम अफरीद के किसान शिव राठौर ने बताया कि वह 20 जनवरी को धान बिक्री किया था।

कायदे के मुताबिक उसे दो-चार दिन के भीतर पैसों का भुगतान हो जाना था, लेकिन किसान को अब तक पैसे नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह नवागढ़ ब्लाक के ग्राम गंगाजल के किसान अजय कुमार ने बताया कि वह पखवाड़े भर पहले सोसायटी में धान बिक्री किया था, लेकिन उसे अब तक धान के पैसे नहीं मिले। वे आफिस के चक्कर काटने मजबूर हैं।

अंतर की राशि आई पर मूल राशि नहीं

सरकार ने दावा किया था कि सात दिन के भीतर किसानों को अंतर की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन एक माह बाद भी किसानों की राशि नहीं आई है। ऐसे में किसान ठगा महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सैकड़ों किसानों को उनके धान के पहली किस्त भी नहीं मिल पाई है। हालांकि विभागीय अफसरों का दावा है कि टेक्निकल खामियों के चलते भुगतान रुका हुआ है। उन्हें हर हाल में भुगतान कर दिया जाएगा।

Updated on:
18 Feb 2025 02:21 pm
Published on:
18 Feb 2025 02:20 pm
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