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#Topic Of The Day- बच्चे जो देखते व सुनते हैं, वही सीखते हैं : अर्चना शर्मा

शिक्षिका अर्चना बताती हैं कि पहले बच्चे उनसे व अन्य शिक्षकों से डरते थे और अपनी बात रखने से हिचकिचाते थे।

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#Topic Of The Day- बच्चे जो देखते व सुनते हैं, वही सीखते हैं : अर्चना शर्मा

टॉपिक ऑफ द डे

जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम मुड़पार में प्राथमिक स्कूल की नवाचारी शिक्षिका अर्चना शर्मा शामिल हुई। उन्होंने बच्चों के मन, मस्तिष्क को कोरा कागज बताते हुए उसमें शिक्षक जो लिख दें, वही हमेशा के लिए दर्ज होने की बात कही। जिले के सरकारी स्कूलों में कई नवाचारी शिक्षक हैं, जिनके कार्य बड़े पैमाने पर सराहना किए जा रहे हैं। ऐसी ही एक शिक्षिका के नवाचार गतिविधियों की धूम यूट्यूब व अन्य विडियो चैनलों पर मची हुई है।

शिक्षिका अर्चना अपने प्राथमिक शाला में किए गए नवाचार गतिविधियों के बारे में बताती हैं कि पहले बच्चे उनसे व अन्य शिक्षकों से डरते थे और अपनी बात रखने से हिचकिचाते थे। जब से वे बच्चों के साथ सहजता से पेश आने लगीं और नई-नई बातें बताने लगी, तब से बच्चे उनके सामने अपनी बात रखने लगे। इस स्थिति को देखते हुए लगा कि बच्चों को कुछ नया चाहिए और इसी सोच के साथ घर में अपने बच्चों को पढ़ाते समय ध्यान आया कि व्यावहारिक तौर पर काम आने वाली चीजों के साथ बच्चों को विषय बताया जाए, तो वे आसानी से ग्रहण करेंगे।

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पहले यह प्रयोग अपने घर में बच्चों के साथ किया, जब वे पहले की अपेक्षा पढ़ाई में ज्यादा सहज महसूस करने लगे, तब स्कूल में बच्चों को भी उनकी बौद्धिक क्षमता के अनुसार विभिन्न तरह के चार्ट का उपयोग कर पढ़ाने लगी। इसके बाद स्कूल में भी बच्चे विषय को आसानी से समझने लगे। ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के नियमित व्यवहार के हिसाब से नए-नए शैक्षिक उपकरण खोजकर उन्हें शिक्षा प्रदान की गई, जिससे वे ना केवल पढ़ाई में मन लगाने लगे, बल्कि गृह कार्य भी समय पर कर स्कूल आने लगे। इसका प्रभाव पालकों पर भी पड़ा। वे अपने बच्चों में आए बदलाव से प्रसन्न हुुए और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने प्रोत्साहित हुए। धीरे-धीरे सभी विषयों में इस नए प्रयोग को लागू किया गया, जिससे बच्चे सभी विषयों को आसानी से समझने लगे।

विडियो शेयर होने से बढ़ा उत्साह
शिक्षिका अर्चना बताती है कि उनके नवाचारी गतिविधियों की विडियो यह जानने के लिए बनाई गई कि कहीं कमी तो नहीं हो रही और इस संबंध में नया क्या किया जा सकता है। इस विडियो को कुछ शिक्षकों को दिखाया गया, जिन्होंने इसकी खूब सराहना की और विडियो शिक्षकों के फेसबुक व व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर होने लगे। फिर क्या था उनके कार्यों को जब ख्याति मिली तो उनका उत्साह बढ़ा और शिक्षकीय कार्यों में नया प्रयोग जारी रहा। साथ ही हर नए प्रयोग की विडियो बनाई जाने लगी, जिनको सभी देखना पसंद करने लगे। एक साथी शिक्षक सूरज साहू ने उनके वीडियो को यूट्यूब में डाल दिया, जिसे पहले ही बार में हजारों लोगों ने देखा और पसंद किया। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब पर शिक्षा ज्योति (तीन स्टार) के नाम से चैनल बनाया, जिसके 60 हजार से अधिक दर्शक हैं, जिसमें 65 विडियो डाले जा चुके हैं।

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