27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विकास यात्रा में छुट्टी कैंसिल होने के बाद भी बाबू गए समूहिक हड़ताल में

जिले के अधिकतर शासकीय कार्यालयों में बाबू की कुर्सी खाली
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जांजगीर चंपा

•

image

Shiv Singh

•

Updated: 26 May 2018, 6:46 PM IST

जिले के अधिकतर शासकीय कार्यालयों में बाबू की कुर्सी खाली

जिले के अधिकतर शासकीय कार्यालयों में बाबू की कुर्सी खाली

जांजगीर-चांपा. एक तरफ कलेक्टर, एसपी व जिला पंचायत सीईओ सहित जिले के सभी आला अधिकारी सीएम डॉ. रमन सिंह की विकास यात्रा को सफल बनाने में व्यस्त है।

कड़ी धूप में पसीना बहा रहे हैं, वहीं उन्हीं के कार्यालय के बाबू राज्य शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने बिना छुट्टी ही चले जा रहे हैं।

२६ मई को भी छत्तीसगढ़ लिपिक शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले भर से लिपिक वर्ग कर्मचारी केवल एख लिखित सूचना देकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने चले गए।


यह सभी जानते हैं कि सरकारी विभाग का पूरा कार्य बिना बाबू के चल पाना संभव नहीं है। इसके बाद भी यदि किसी विभाग के सारे बाबू एक साथ बिना छुट्टी के कार्यालयीन दिवस में चले जाए तो वह कार्यालय खुले न खुले सब बराबर है। ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ लिपिक शासकीय कर्मचारी संघ के हड़ताल के दौरान हुआ। पत्रिका की टीम जब आदिवासी विकास विभाग पहुंची तो वहां एक दो लोगों को छोड़कर केवल फोर्थ क्लास कर्मचारी ही दिखे। दोपहर एक से दो बजे तक कार्यालय में पत्रिका की टीम रही लेकिन एक दो बाबू की कुर्सी छोड़कर अन्य सभी कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। पूछने पर वहां के चपरासी ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है, शायद सभी हड़ताल पर गए हैं।

इसके बाद जब सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग हेतराम चौहान से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि बाबू सामूहिक हड़ताल पर गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी ने छुट्टी स्वीकृत कराई है तो उन्होने बताया कि उनके पास लिखित में सूचना आई है, लेकिन छुट्टी किसी ने भी स्वीकृत नहीं कराई है।

सात बाबुओं की लिखित सूचना
कार्यालय से सात बाबुओं की लिखित सूचना मिली है कि वह सामूहिक हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। किसी की भी छुट्टी स्वीकृत नहीं हुआ है। इसकी जानकारी कलेक्टर को दी जाएगी।
-हेतराम चौहान, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जांजगीर-चांपा

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग