जांजगीर चंपा

चपरासी की नौकरी लगाने मुख्यमंत्री के नाम का फर्जी लेटर, कलेक्टर ने पकड़ ली गलती

जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा आरएल तिवारी ने कोतवाली थाना में संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस तत्काल एक्शन मोड में आ गई, क्योंकि मामला ही मुख्यमंत्री से संबंधित था। पुलिस द्वारा भी पत्र प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है।

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जांजगीर-चांपा. कलेक्टर दर में भृत्य के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम कलेक्टर व समग्र शिक्षा मिशन को फर्जी पत्र मिला है। जिस पर समग्र शिक्षा मिशन ने कोतवाली में संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार सक्ती जिला के गांव लवसरा निवासी डिकेश्वर प्रसाद डारमेंट्री में पदस्थ था। डारमेट्री योजना शाला त्यागी बच्चों को शाला में प्रवेश कराने के लिए चलाई जा रही एक योजना थी, जो 2017-18 में पूरी तरह से सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। यह योजना बंद होते ही डारमेंट्री के सारे कर्मचारी निकाल दिए गए। डिकेश्वर साहू द्वारा कार्यालय कलेक्टर व जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा को कलेक्टर दर भृत्य के पद में नौकरी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम पत्र लिखा गया।

कार्यालय को कलेक्टर व जिला मिशन समन्वयक को संबोधित नाम से दो पत्र प्राप्त हुए। आवेदन को देखते-देखते अचानक कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा की नजर सादर शब्द पर पड़ी तो उन्होंने दोबारा उस आवेदन को पढ़ा। आवेदन पढ़ने के बाद कलेक्टर को फर्जी पत्र होने की आशंका हुई। जिला मिशन समन्वयक ने भी बताया कि उनको भी एक आवेदन मिला है। कलेक्टर ने जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को तत्काल एफआईआर कराने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा आरएल तिवारी ने कोतजिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा आरएल तिवारी ने कोतवाली थाना में संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस तत्काल एक्शन मोड में आ गई, क्योंकि मामला ही मुख्यमंत्री से संबंधित था। पुलिस द्वारा भी पत्र प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है।वाली थाना में संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस तत्काल एक्शन मोड में आ गई, क्योंकि मामला ही मुख्यमंत्री से संबंधित था। पुलिस द्वारा भी पत्र प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया है। इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

सादर शब्द से फर्जी पत्र की हुई आशंका
भृत्य पद पर मुख्यमंत्री के नाम पर पत्र कलेक्टर व जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को प्राप्त हुआ है। इसमें अलग से सादर लिखा हुआ है। सादर शब्द से ही आशंका हुई। पहली बात तो भृत्य के नौकरी के लिए प्रदेश के मुखिया को कलेक्टर को पत्र लिखने की जरूरत नहीं है। अगर पत्र भी लिख रहे हैं तो सादर शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे। वैसे भी जिले के कलेक्टर तारणप्रकाश सिन्हा पहले डीपीआर व मुख्यमंत्री सचिवालय में भी रह चुके हैं।

डिकेश्वर साहू द्वारा लिखे मुख्यमंत्री के लेटर पेड पर जिला मिशन संचालक, जो जिले के कलेक्टर होते हैं व जिला मिशन समन्वयक के नाम पर दो पत्र प्राप्त हुए थे। प्रथम दृष्टया यह पत्र फर्जी प्रतीत हुआ। इसलिए जांच के लिए कोतवाली को पत्र लिखा गया हैं।
- आर.एल. तिवारी, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा

जिला समन्वयक समग्र शिक्षा द्वारा फर्जी पत्र का इस्तेमाल कर नौकरी लगाने सिफारिश की गई है, जो प्रथम दृष्टया फर्जी लग रहा है। इस संबंध में जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
- विजय अग्रवाल, एसपी

Published on:
29 Dec 2022 03:22 pm
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