
नाम कचरा बाई। कद तीन फीट। उम्र 48 साल। एमए, पीजीडीसीए की पढ़ाई करने के सालों बाद नौकरी के लिए उसके पांव थक गए।
जांजगीर-चांपा. नाम कचरा बाई। कद तीन फीट। उम्र 48 साल। एमए, पीजीडीसीए की पढ़ाई करने के सालों बाद नौकरी के लिए उसके पांव थक गए।
इब इतने रुपयों से घर का खर्च चलाना मुश्किलों भरा काम है। हालांकि घर में छोटे भाई बहन, घर में पिता का साया छिन जाने के बाद परिवार का बोझ उसी पर आ गया है। मूलत: चांपा के रहने वाली कचरा बाई की कहानी निराली है। संविदा से रेगुलर करने के लिए सरकार से वह कई बार गुजारिश कर चुकी है,
लेकिन उसकी रेगुलर नौकरी नहीं लग पा रही है। फिलहाल वह कंप्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी कर रही है। पांच से सात हजार रुपए मानदेय मिलता है वह बहुत कम है। कभी कभार उसे हजार दो हजार रुपए अतिरिक्त रकम मिल जाती है उससे वह घर का गुजारा करती है।
कंप्यूटर में महारथ
कचरा बाई कंप्यूटर में महारथ हासिल है। पीजीडीसीए की पढ़ाई करने के बाद वह हिंदी व अंग्रेजी टाइपिंग में दफ्तर का काम आसानी से निपटाती है। पीएचई चांपा में दफ्तर का हर काम सम्हालती है। उसके काम को लेकर दफ्तर का हर कर्मचारी खुश रहता है।
सरकार से टिकी आस
कचरा बाई का कहना है कि यदि उसकी नौकरी रेगुलर हो जाती तो आर्थिक तंगी दूर हो जाती। सरकार से वह लगातार मिन्नतें कर चुकी, मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार पत्र आता है, लेकिन उसकी फाइल दफ्तर में ही दब जाती है। जिसके चलते उसकी परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
Updated on:
17 Feb 2018 07:15 pm
Published on:
17 Feb 2018 07:11 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
