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#कौशल विकास योजना की आड़ में अधिकारी कर रहे अपना विकास

लाईवलीहुड कॉलेज संचालित कर करोड़ों रुपए खर्च

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लाईवलीहुड कॉलेज संचालित कर करोड़ों रुपए खर्च

लाईवलीहुड कॉलेज संचालित कर करोड़ों रुपए खर्च

जांजगीर-चांपा. एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार सभी जिलों में युवाओं को रोजगार दिलाने व रोजगार परक बनाने के लिए लाईवलीहुड कॉलेज संचालित कर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं यहां अलग-अलग पदों पर बिठाए गए जिम्मेदारों द्वारा बेरोजगारों की आड़ में अपना ही विकास किया जा रहा है।

ऐसा ही मामला जांजगीर-चांपा में संचालित लाईवलीहुड कॉलेज में उजागर हुआ है। यहां के नोडल अधिकारी और पदेन निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज ने ऐसा बिना दावा आपत्ति का निराकरण किए और चैनल पार्टनर तय हुए ही चयनित चैनल पार्टनर की सूची प्रकाशित कर डाली है। इतना ही नहीं इन पार्टनर्स द्वारा बकायदा समय से पहले बच्चों की अलग-अलग ट्रेड में काउंसलिंग भी शुरू कर दी गई है।


जानकारी के मुताबिक जिला परियोजना लाईवलीहुड कालेज जांजगीर-चांपा में विभिन्न सेक्टर/ व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण संचालन के लिए 31 मार्च 2018 को चैनल पार्टनर (ट्रेनिंग पार्टनर) चयनित करने के लिए टेंडर जारी किया गया था। इस टेंडर के तहत अनुभवी संस्था को ही चैनल पार्टनर के रूप में चयनित किया जाना था। 31 मार्च को रुचि की अभिव्यक्ति के नाम से जारी विज्ञापन के बाद कुल 12 फर्मों ने (चैनल पार्टनर) के लिए आवेदन भरा था। इन सभी फर्मों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कलेक्टर के द्वारा बनाई गई चयन समिति ने की थी। दस्तावेज चयन के बाद सभी से चैनल पार्टनर से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन मांगा गया और उसके आधार पर उनके नाम का चयन किया जाना था, लेकिन कुछ आवदेकों चयन को लेकर दावा आपत्ति किया। जिला पंचायत सीईओ ने सहायक संचालक द्वारा जारी चयन सूची को रोकने के बाद भी उनके द्वारा अपनी मर्जी से सभी चनल पार्टनर के द्वारा काउंसिलिंग करवाकर अपनी मनमर्जी चलाई जा रही है।


तीन ने की दावा आपत्ति 22 होना है निराकरण
चैनल पार्टनर तय करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीन अनुभवी संस्था विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति रायगढ़, सिटकॉन (छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टेक्निकल कंसल्टेंसी सेंटर) मुस्कान फाउंडेशन जांजगीर के संचालक ने दावा आपत्ति की थी।

इस दावा आपत्ति का निराकरण करने के लिए जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज के नोडल अधिकारी ने 22 जून को दोपहर 12 बजे का समय निर्धारित किया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि बिना दावा आपत्ति निराकरण के फाइनल सूची कैसे जारी हो गई।

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