
विधायक निधि में हुआ कमीशन का खेल, दो माह में खराब हुई हाइमास्ट लाइट
पामगढ़. प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह जहां पामगढ़ क्षेत्र में चार-चार बार दौरा कर वहां के विधायक व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े की छवि को सुधारने में लगे हैं वहीं अंबेश खुद अपने ही बयान से जनता के नजरों में गिरते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता व जिला पंचायत के सभापति प्रेमचंद जायसी ने विधायक निधि से लगी हाईमास्ट लाइट को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि विधायक का दावा है कि यह कार्य उनका अब तक का सबसे बेहतर कार्य है, जबकि वह चार दिन भी नहीं टिक सका है।
इससे विधायक की छवि जनता की नजरों में गिरती जा रही है। उनका यहां तक कहना है कि पत्रिका ने जो मुद्दा उठाया वह काफी अहम है। यदि 10 लाख रुपए की हाईमास्क लाइट इतनी जल्द खराब होती है तो अन्य विकास कार्य भी इसी तरह हुए होंगे। उन्होंने पिछले पांच साल में क्षेत्र में विकास कार्यों की जांच की मांग की है। जायसी का कहना है कि अंबेश के दबाव में प्रशासनिक अधिकारी उनके करीबी पामगढ़ सरपंच और सचिव की करनी की जांच ही नहीं कर रहे हैं।
दो माह में खराब लाइट
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाईमास्क लाइट दो महीने पहले १४ अप्रैल को लगाई गई थी। इसकी रोशनी पहले दिन से काफी कम थी और चौराहे को कवर नहीं कर पा रही थी, लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि दो माह बाद लाखों की यह लाइट महज शोपीस बनकर रह जाएगी।
विधायक ने सरपंच से खाया होगा कमीशन
जनपद अध्यक्ष डमरू मनहर ने इस मामले में विधायक और संरपंच की भूमिका पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि विधायक निधि से ये जो कार्य हुआ है वह पैसा ग्राम पंचायत को गया है। इतने कम समय में लाइट खराब हो गई है। इससे साफ है कि विधायक और सरपंच की मिलीभगत है और दोनों ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है और जनता के पैसों का बंदरबांट किया है।
-मैंने इस मामले के बारे में सचिव से पूछताछ की थी। वह अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। इसकी जांच की जाएगी।
-रिषा ठाकुर, सीईओ, जनपद पंचायत पामगढ़
-मुझे इसकी जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि कमी पाई जाती है तो कार्यवाही की जाएगी।
-सागर सिंह राज, अनुविभागीय अधिकारी, पामगढ़
Published on:
14 Jun 2018 01:39 pm

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