
पड़ोसी जिलों में दौड़ेगी ई सिटी बसें, यहां तो बसें ही बेपटरी
सरकार बदल गई, कई कलेक्टर बदल गए, विधायक बदल गए लेकिन नहीं बदली तो केवल कंडम सिटी बसों की स्थिति। कोरोना काल के बाद से सिटी बसें केवल पड़े-पड़े कबाड़ हो रही है। जिसे सड़कों पर लाने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है। जिम्मेदारों ने मुंह मोड़ लिया है और लोगों ने भी अब आस छोड़ दी है कि जिले में सस्ता परिवहन सुविधा का लाभ अब मिलेगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत प्रदेश के भी चार जिलों का चयन हुआ है। इसमें बिलासपुर और कोरबा जिला भी शामिल हैं। योजना के तहत यहां इलेक्ट्रिकल सिटी बसें चलाई जाएगी। दोनों जिलों के लोगों को इससे कई तरह के फायदे होंगे। पहली सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी। दूसरा प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। लेकिन यहां के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लोगों को नार्मल सिटी बस की सुविधा के लिए तरसना पड़ेगा।
क्र 50 लाख के प्रपोजल का अता-पता नहीं
बता दें, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के द्वारा कई जिलों में बंद सिटी बसों का संचालन फिर से शुरू कराने कवायद की थी। सभी जिलों से सिटी बसों का परिचालन शुरू कराने मरम्मत समेत अन्य संसाधनों में कितना खर्च आएगा, इसका प्रपोजल मंगवाया गया था। चूंकि जिले में सिटी बस सुविधा रायगढ़ नगर निगम अंतर्गत आती है। ऐसे में ननि के द्वारा करीब 50 लाख रुपए का प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा गया था। इसमें भी कोरबा, बिलासपुर जैसे कई शहरों में सुविधा दोबारा शुरू हो गई थी लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के प्रपोजल का क्या हुआ, कोई अता-पता नहीं। प्रपोजल बनाने के दौरान ननि में जो अफसर थे वह अब बदल गए हैं और नए अफसर जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।
Updated on:
17 Mar 2024 09:18 pm
Published on:
17 Mar 2024 09:18 pm
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