जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (एमएमजीएसवाय) में ग्रहण लगा हुआ है। बीते सात आठ सालों से जिले में न तो कहीं नई सड़क का जाल बिछा है और न ही पुरानी बदहाल सड़कों की मरम्मत हुई है। जबकि योजना के तहत बनाई गई सड़कों की अवधि मात्र तीन साल रहती है।
इसके बाद मरम्मत जरूरी होता है लेकिन स्थिति यह है कि योजना शुरु होने के बाद से लेकर अब तक पुराने सड़कों की मरम्मत के नाम पर डामर की पतली परत तक नहीं चढ़ी है। मरम्मत के अभाव में बदहाल सड़कों पर ही आवागमन करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इसके पीछे विभाग के द्वारा बजट का रोना रोया जा रहा है। कामकाज नहीं होने से विभागीय अमले का कामकाज भी दफ्तर तक ही सिमट गया है। बजट के अभाव में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना जिले में अघोषित रूप से ठप्प हो गई है। विभागीय अमला बजट का रोना बताकर ना तो नई सड़क का काम करा पा रहा है और ना ही बदहाल हो चुकी पुरानी सड़कों की मरम्मत हो रही है। ऐसे में आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। खास करके ग्रामीण क्षेत्र के रहवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों में भारी वाहनों का आवागमन धड़ल्ले से हो रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बनी डामरीकृत सड़कों की हालत बदहाल हो चुकी है।
2015 के बाद से बजट के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं...
अविभाजित जांजगीर-चांपा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की शुरुआत 2011-12 में हुई है। ऐसे में 2012 में बनी सड़क की मरम्मत तीन साल बाद 2016 में शुरु हो जानी थी लेकिन मरम्मत के नाम पर 2015 से बजट के नाम पर फूटी-कौड़ी नहीं मिली है। जिसके कारण जांजगीर चांपा और सक्ती जिले में ना तो सीएमजीएसवाई के अंतर्गत नई सड़क बन पा रही है और ना ही पुरानी सड़कों की मरम्मत हो पा रही है। बताया जा रहा है कि जांजगीर जिले के नवागढ़, पामगढ़, अकलतरा, बलौदा, शिवरीनारायण, सारागांव और सक्ती जिले के मालखरौदा चंद्रपुर समेत कई अन्य क्षेत्रों में सीएमजीएसवाई की कई सड़कों की स्थिति खराब है।
पेंड्री में भी सड़कों की स्थिति कुछ अच्छी नहीं
जिला मुख्यालय जांजगीर से लगे ग्राम पंचायत पेंड्री में भी सड़कों की स्थिति कुछ अच्छी नहीं है। इसके कारण नवागढ़, केरा मार्ग की ओर आने जाने वाले लोगों को कई तरह की परेशानी खराब सड़क के कारण उठानी पड़ती है। अकलतरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कापन मुड़पार में कच्ची सड़क के माध्यम से मुड़पार से ग्राम तिलई की ओर ग्रामीण आना-जाना करते हैं।
भारी वाहनों ने की दुर्गति......
एमएमजीएसवाय योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों को जोडऩे जहां छोटी लंबाई की सड़कों की जरूरत थी उसके लिए लाया गया था। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मुख्य मार्ग के आसपास के गांव को जिनकी दूरी पांच से सात किलोमीटर तक है, उन्हें योजना के अंतर्गत सीएमजीएसवाई से जोड़ा गया है। इन सड़कों की लंबाई पांच से सात किलोमीटर और चौड़ाई करीब 3.45 किलोमीटर तक होती है। इन सड़कों को केवल ग्रामीणों के आवागमन के हिसाब से पतली बीटी डालकर बनाया जाता है जिसमें भारी वाहन नहीं चलना था पर अब स्थिति यह है कि इन सड़कों पर भी भारी वाहन दौड़ रहे हैं जिससे सड़कों की स्थिति खराब है। इस पर किसी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
विभाग में बजट की समस्या है। हालांकि अभी 46 पुरानी सड़क के रिनुवल की स्वीकृति मिली है। जल्द ही इन सड़कों पर बीटी का काम किया जाएगा। जिसके बाद सड़कें बेहतर बन जाएंगी। बाकी सड़कों के लिए राशि मांग की जाएगी।
अरविंद राजमणि, कार्यपालन अभियंता, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना