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छत्तीसगढ़ के इन 36 भाजियों को मिलने जा रहा है राष्ट्रीय पहचान, केंद्र सरकार ने कहा…

छत्तीसगढ़ के 36 भाजियों के दस्तावेजीकरण के लिए किसानों ने किया पहल
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जांजगीर चंपा

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Bhupesh Tripathi

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Updated: 19 Aug 2019, 5:28 PM IST

chhattisgarh Bhaji

छत्तीसगढ़ के इन 36 भाजियों को मिलने जा रहा है राष्ट्रीय पहचान, केंद्र सरकार ने कहा...

जांजगीर। छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों को भोजन में "भाजी" सब्जी के रूप में खूब पसंद है। इसके साथ ही इसमें सब प्रकार की विटामिन प्रोटीन जैसे सभी पोषक तत्व विद्यमान हैं। वहीं भोजन में सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाले भाजियों में औषधीय गुणों की भरमार है। वैसे छत्तीसगढ़ में 36 प्रकार की भाजियां सब्जियों के रूप में इस्तेमाल की जाती है।

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छत्तीसगढ़ राज्य में इन सब भाजियों का दस्तावेजीकरण हो। इस बात को लेकर जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित चाम्पा शहर से लगे एक छोटे से गांव बहेराडीह के 40 वर्षीय युवा कृषक दीनदयाल यादव ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अनुवांशिकीय प्रजनन विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा के मार्गदर्शन पर इन सभी भाजियों के पेटेंट के लिए पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षन प्राधिकरण कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार दिल्ली में रजिस्ट्रार के नाम पर तीन साल पहले निर्धारित प्रारूप में उप संचालक कृषि के अनुसंशा से अपना आवेदन प्रस्तुत किया है।

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जिसकी सत्यापन हेतु भारत के अलग अलग राज्य के विशेषज्ञ की टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जा रहे हैं। इस संबंध में दीनदयाल यादव ने बताया कि तीन साल पहले कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों का जिला स्तरीय बैठक हुई थी। जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा और जिले के प्रगतिशील किसान दुष्यन्त सिंह व रामप्रकाश केशरवानी द्वारा जिले के किसानों को पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार से पौधा व बीज का पेटेंट अर्थात रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया और उसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई थी।

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ये हैं 36 भाजियां
किसान दीनदयाल यादव ने बताया कि 36 प्रमुख भाजियों का रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें मुनगा भाजी, कांदा भाजी, तिनपनिया भाजी, मुराई भाजी, मेथी भाजी, गोंदली भाजी, सरसों भाजी, अमारी भाजी, पटुआ भाजी, बोहार भाजी, चेच भाजी, कोइलार भाजी, मखना भाजी, लाल भाजी, रोपा भाजी, करेला भाजी, नोनिया भाजी, गांव भाजी, कूकरीपोटा भाजी, मूरही भाजी, नाथुलिया भाजी, कोचई भाजी, तिवरा भाजी, बर्रे भाजी, केना भाजी, भथुआ भाजी, करमता भाजी, चरोटा भाजी, गोभी भाजी, चना भाजी, चनोरी भाजी, गुमी भाजी, चौलाई भाजी, पालक भाजी, खेढ़ा जड़ी भाजी, पोई भाजी, गांठ गोभी भाजी, अकरी भाजी, पीपर भाजी, अमुर्री भाजी, उरीद भाजी, आलू भाजी, ईमली पाना भाजी, बरबट्टी भाजी, भाटा भाजी व खुनजीयारी भाजी आदि शामिल है।

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