
जांजगीर.चांपा। सरकार ने किसानों के स्प्रेयर पंप की कीमत में ढाई सौ रुपए का इजाफा कर दिया है। इतना ही नहीं इस वर्ष घटिया क्वालिटी का स्प्रेयर पंप की भी सप्लाई की जा रही है। इसके चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि विभाग के बीज निगम शाखा से मिलने वाला स्प्रेयर पंप किसानों के जेब पर भारी पड़ रहा है। जो स्प्रेयर पंप पिछले साल तक 7 सौ रुपए में मिलता था। उसकी कीमत बढ़ाकर साढ़े नौ सौ रुपए तक कर दिया गया है। यानी किसानों के जेब में सीधे ढाई सौ रुपए भारी पड़ रहा है। इसके चलते किसानों को यह पंप महंगा साबित हो रहा है।
कीट प्रकोप की काल साया इन दिनों किसानों को अच्छा खासा परेशान कर दिया है। लगभग 90 फीसदी धान की फसल में कीट प्रकोप ने कहर बरपा दिया है। कीटप्रकोप से बचने किसान स्प्रेयर पंप की खरीदी कर रहे हैं। पिछले साल जो स्प्रेयर पंप किसानों को बीज निगम द्वारा 7 सौ रुपए में दिया जाता था वह इस साल साढ़े नौ सौ रुपए मिल रहा है।
जिले के प्रगतिशील कृषक एवं भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश केशरवानी ने कहा कि यह स्प्रेयर पंप बीज निगम द्वारा किसानों को दिया जाता है। बीज निगम के द्वारा स्प्रेयर पंप की कीमतों में एकबारगी 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के बाद किसान स्प्रेयर पंप का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। केशरवानी आसपास के गांव भदरा के सरपंच गोपेश्वर चंद्रा पोड़ीशंकर के सरपंच संतोष यादव और किसन धीवर के साथ बम्हनीडीह के कृषि विभाग के आफिस पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करते हुए विभागीय अफसरों को जमकर खरी खोटी सुनाई।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर किसान के हित में कई तरह की कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। वहीं स्प्रेयर पंप की राशि में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी कर रही है। इतना ही नहीं जो स्प्रेयर पंप बेची जा रही है वह घटिया क्वलिटी का है। उसके नोजल सिल्वर के हैं। पहले पीतल का नोजल आता था। इसी तरह प्लास्टिक की क्वालिटी भी कमजोर है। इसके कारण स्प्रेयर पंप टिकाउ नहीं हो सकते।
बाजार में कीमत कम
किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष राम प्रकाश केशरवानी ने बताया कि जिस स्प्रेयर पंप को सरकार किसानों को 950 रुपए में उपलब्ध करा रही है वही स्प्रेयर पंप बाजार में मात्र 700 से 800 रुपए में उपलब्ध हो रहा है। ऐसे में किसान सरकारी स्प्रेयर पंप की खरीदी करेंगे या बाजार से मिले कम दामों के पंप सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार की कई योजनाएं किसानों के लिए फायदेमंद कीबजाए नुकसानदायक साबित हो रहा है।
Published on:
10 Oct 2017 03:29 pm
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