
सीईओ को अपने ही पुराना आदेश में संशोधन करना पड़ा
जांजगीर-चांपा. आठ माह से जवाब देने का मौका दिए बिना शिक्षाकर्मी को निलंबित करना जिला पंचायत सीईओ को महंगा पड़ गया। सीईओ को अपने ही पुराना आदेश में संशोधन करना पड़ा और हाईकोर्ट की आदेश से शिक्षिका को मूल शाला में पदस्थ करना पड़ा। मामला अकलतरा विकासखंड के ग्राम सोनसरी में पदस्थ व्याख्याता पंचायत का है।
व्याख्याता पंचायत अंजुला सोनी को जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने आठ माह पहले स्कूल की शिक्षकों के बीच आपसी मनमुटाव के चलते हुए शिकायतबाजी से निलंबित कर दिया था। सीईओ ने शिक्षिको निलंबित करने से पहले अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया। इससे क्षुब्ध शिक्षिका ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ही जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबन समाप्त करते हुए शिक्षिका को मूल पदस्थापना से करीब 80 किलोमीटर दूर पामगढ़ विकासखंड के हाईस्कूल खरखौद में पदस्थ कर दिया। साथ ही शिक्षिका का दो वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोक दी। शिक्षिका ने इस मामले को लेकर फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने जिला पंचायत सीईओ के आदेश को संशोधित करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि जिला पंचायत में सीईओ की सख्ती के कारण शिक्षाकर्मी हमेशा परेशान रहते हैं।
शिक्षिका ने इस संबंध में बताया कि उसने पहले ही जिला पंचायत सीईओ से मिलकर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। जिला पंचायत में सीईओ द्वारा मामले में कोई रूचि नहीं दिखाने पर सीईओ को पार्टी बनाना पड़ा।
उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी जगह सही थी, जिससे हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली और दुर्भावनावश किए गए स्थानांतरण से राहत मिली है। इस संबंध में शिक्षक बताते हैं कि जिले में ऐसे ही अनेक प्रकरण सामने हैं, जिन पर शिक्षाकर्मी सीईओ से काफी परेशान हैं।
निम्न से उच्च पद का नहीं मिल रहा लाभ
जिला पंचायत द्वारा शिक्षकों के साथ एक और भेदभाव का मामला सामने आया है। जिले में पदस्थ शिक्षकों को निम्न पद से उच्च पद का लाभ नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों ने इस मामले को भी लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर शिक्षकों के पक्ष में निर्णय हुआ था। इसके बाद भी शिक्षकों को लाभ नहीं दिए जाने से शिक्षकों में आक्रोश है।
यह है सीईओ का आदेश
जिला पंचायत कार्यालय से सीईओ अजीत वसंत के हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत कार्यालयीन आदेश क्रमांक 4609 दिनांक 28/03/2018 के तहत अंजुला सोनी व्याख्याता पंचायत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सोनसरी को आगामी दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकते हुए शासकीय हाई स्कूल खरखौद पदस्थ किया गया था।
शिक्षिका सोनी द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका में दिनांक 12/04/2018 के परिपालन में पूर्व के आदेश में संशोधन करते हुए शिक्षिका सोनी को पूर्ववत वापस अकलतरा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोनसरी में पदस्थ किया गया।
Published on:
16 Jun 2018, 1:52 PM IST
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