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दो मासूम साले के हत्यारे को मिली उम्र कैद की सजा

पत्नी के चरित्र पर शंका करने वाले पति ने इससे क्षुब्ध होकर अपने सात वर्ष तथा 10 वर्ष के सालों को मौत के घाट उतार दिया।

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Piyushkant Chaturvedi

Jan 17, 2017

Two innocent brother's killer was sentenced to lif

Two innocent brother's killer was sentenced to life imprisonment

जांजगीर-चांपा.
पत्नी के चरित्र पर शंका करने वाले पति ने इससे क्षुब्ध होकर अपने सात वर्ष तथा 10 वर्ष के सालों को मौत के घाट उतार दिया।


जिला सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।


अभियोजन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पामगढ़ थानांतर्गत ग्राम जूनाडीह (झिलमिली) के लोकनाथ पिता अमृतलाल टंडन का विवाह शनिचराम की पुत्री से हुआ था।


शनिचराम ने 26 फरवरी 2016 को पामगढ़ थाने पहुंचकर सूचना दी कि उसके सात वर्षीय पुत्र सोनू उर्फ तन्मय बंजारे को उसका दामाद लोकनाथ घुमाने के बहाने दोपहर में ले गया था।


देर रात तक नहीं लौटने पर उसकी खोजबीन की गई। दामाद लोकनाथ का मोबाइल भी इस दौरान बंद था। चंडीपारा उरैहा नाले के पास एक बालक के शव मिलने की सूचना पर पहुंचकर देखने पर वह शव सोनू का था।


उसके सिर को ढेला व पत्थर से कुचलकर हत्या की गई थी। वहीं उसी दिन रात में शनिचराम के बहन के पति ने भी पामगढ़ थाने में सूचना दी कि उसके 10 वर्षीय लड़के साहिल टंडन को


लोकनाथ बंधिया तालाब की ओर ले गया और बाद में सूचना मिली कि उसने साहिल की गला घोंटकर हत्या कर दी। शनिचराम ने पुलिस को बताया कि उसका दामाद लोकनाथ अपनी पत्नी की चरित्र पर शंका करता है,


जिसके कारण उसने अपने साले की हत्या की है। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच की और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।


मामले की सुनवाई के बाद जिला सत्र न्यायाधीश श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया और दोनों अपराध के लिए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


साथ ही दोनों मामले में 100-100 रुपए का अर्थदंड भी अधिरोपित किया। मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संतोष गुप्ता ने पैरवी की।