व्यापारियों के मुताबिक अब तक वे क्वारटर्ली डिटेल देते थे। इसके लिए उन्हें पार्ट टाइम एकाउंटेंट की जरूरत होती थी, जो सप्ताह में एक या दो दिन काम कर डिटेल तैयार कर लेता था, लेकिन अब जीएसटी के लिए उन्हें डेली की सेलिंग, पर्चेसिंग की इनवाइस तैयार करनी होगी। इसके लिए रोजाना एकाउंटेंट काम करेगा, जिसके 37 रिटर्न सालभर में फाइल होंगे। ऐसा नहीं करने वाले व्यापारियों पर पांच हजार रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।