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जीएसटी का असर : व्यापारियों ने जगह-जगह चस्पा कराए ओपन वैकेंसीज के पर्चे 

जीएसटी लागू होने का इंपैक्ट रोजगार की उपलब्धता पर आया है। चार दिनों में ही शहर में एकाउंटेंट की जरूरत को लेकर फर्मों ने वैकेंसीज खोल दी है।

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Piyushkant Chaturvedi

Jul 07, 2017

Effect of GST: Open Vacans Prescription Paste

Effect of GST: Open Vacans Prescription Paste

जांजगीर-चांपा.
जीएसटी लागू होने का इंपैक्ट रोजगार की उपलब्धता पर आया है। चार दिनों में ही शहर में एकाउंटेंट की जरूरत को लेकर फर्मों ने वैकेंसीज खोल दी है। व्यापारी बकायदा कामर्स व एकाउंट्स से संबंधित कॉलेजों में भी संपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा व्यापारियों ने ओपन वैकेंसीज के पर्चे भी जगह-जगह चस्पा कराए हैं।

फर्म व दुकानदारों को जीएसटी का खौफ या एकाउंटेंट की जरुरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा रहा है कि वे वेतन को लेकर कोई आनाकानी भी नहीं कर रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक वे अपने एकाउंटेंट को 10 से 12 हजार रुपए तक की सैलरी देंगे। अब तक उन्हें परमानेंट एकाउंटेंट की जरूरत नहीं पड़ रही है। बिलिंग व रिकार्ड मेंटेन करने का काम अब तक वे खुद ही टाइम मैनेज कर पूरा कर लिया करते थे, लेकिन जीएसटी के बाद अब डेली वर्किंग के लिए फुल टाइम एकाउंटेंट की जरूरत पड़ रही है, जिसकी वजह से वे एकाउंटेंट की तलाश कर रहे हैं।

व्यापारियों ने बताया कि उनकी टीम एकेडमी व एकाउंट में प्रशिक्षित युवाओं को अपाइंट करने की तैयारी में है, जिसके लिए वे एकाउंट से संबंधित एकेडमी व कॉलेजों से संपर्क कर रहे हैं। वे 10 से 12 हजार रुपए तक की सैलरी इसके लिए खर्च करेंगे। इसी तरह शहर के अन्य बड़े व्यापारी भी अपने फर्मों के लिए ओपन रिक्वायरमेंट का पर्चा चस्पा कर चुके हैं।

बताया गया कि जीएसटी का असर इस तरह भी दिखाई दे रहा है। व्यापारी व फर्म शहर के कॉलेजों के एकाउंट संकाय, निजी एकेडमी, कोचिंग क्लासेस व एकाउंट टीचिंग कराने वालों की तलाश कर रहे हैं। इससे संबंधित एकेडमी व कॉलेजों में बकायदा जानकारी भी भेजी जा रही है। कुछ बड़े व्यापारियों ने इसके लिए प्लेसमेंट कैंप लगाने की भी तैयारी कर रखी है।

खुद भी पहुंच रहे एकाउंट-
मार्केट में अपनी जरुरत को महसूस करते ही एकाउंटेंट भी फर्मों तक पहुंच रहे है। अलग-अलग व्यापारियों व फर्मों तक पहुंचकर ये बेरोजगार अपनी एकाउंटिंग वर्क के अनुभव व योग्यता की जानकारी दे रहे है। शहर के प्रमुख फर्मों से मिली जानकारी मुताबिक अब तक 40 से 45 बेरोजगार युवाओं ने अपना रिज्युम भी उनके पास जमा कर दिया है। अब देखना यह है कि आगे और क्या असर दिखता है।

रोजाना बनेगा इनवाइस-
व्यापारियों के मुताबिक अब तक वे क्वारटर्ली डिटेल देते थे। इसके लिए उन्हें पार्ट टाइम एकाउंटेंट की जरूरत होती थी, जो सप्ताह में एक या दो दिन काम कर डिटेल तैयार कर लेता था, लेकिन अब जीएसटी के लिए उन्हें डेली की सेलिंग, पर्चेसिंग की इनवाइस तैयार करनी होगी। इसके लिए रोजाना एकाउंटेंट काम करेगा, जिसके 37 रिटर्न सालभर में फाइल होंगे। ऐसा नहीं करने वाले व्यापारियों पर पांच हजार रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।

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