
‘चना के दार मोर राजा-चना के दार रानी’, छत्तीसगढ़ी लोक गीत की प्रस्तुति ने लोगों को किया मंत्रमुग्ध
Chhattisgarh News: जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2024 में 12 फरवरी को हाईस्कूल मैदान जांजगीर में महोत्सव के समापन अवसर पर अनुराग धारा कविता वासनिक छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का का आयोजन किया गया।
कविता वासनिक ने पता देजा रे- पता लेजा रे, गाड़ीवाला के गीत जब प्रस्तुति दी तो उपस्थित श्रोता गणों ने तालियां बजाकर उनकी प्रस्तुति को सराहा। इसके बाद मगनी म मांगे मया नई मिले रे, चना के दार मोर राजा, चना के दार मोर रानी गीत की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी ददरिया लोक गीत कर्मा की प्रस्तुति दी।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में गोविन्द राठी शुजालपुर, पद्मिनी शर्मा दिल्ली, मनवीर मधुर मथुरा, मीर अली मीर रायपुर, हीरामणी वैष्णव कोरबा, रमेश विश्वहार रायपुर और बंशीधर मिश्रा अकलतरा द्वारा कविता पाठ किया गया। कवि सम्मेलन की शुरूआत कवित्री पद्मिनी शर्मा ने सस्वती वंदना कर किया। इसके पश्चात सभी कवियों ने अपने प्रसिद्ध गीत कविताओं से सभी श्रोता गणों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिवस कवियों के द्वारा की गई ओजस्वी प्रस्तुति ने लोगों को बांधे रखा। हास्य व्यंग, ओज श्रृंगार करूणा और आध्यात्मिक रचनाओं ने भाव विभोर किया।
Published on:
14 Feb 2024 12:49 pm

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