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जिले की बदहाल सड़के हों जाएंगी चकाचक, जानें किस मद से होगा ये कमाल

- जिले के कुछ हिस्सों को छोड़कर तकरीबन 75 प्रतिशत सड़क बारिश के कारण हो चुकी है बदतर

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जिले की बदहाल सड़के हों जाएंगी चकाचक, जानें किस मद से होगा ये कमाल

जिले में इस मद से 60 से अधिक सड़कों का होगा कायाकल्प, मिली स्वीकृति

जांजगीर-चांपा. बारिश के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। बारिश के बाद ऐसे सड़कों का कायाकल्प करने की योजना बनाई जा रही है। ऐसे सड़कों की मरम्मत अब डीएमएफ (डिस्ट्रिक माइनिंग फंड) यानी गौंण खनिज मद से किया जाएगा। कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने इसके लिए स्वीकृत दे दी है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों का संधारण गौंण खनिज मद की राशि से किया जाएगा।

जिले के कुछ हिस्सों को छोड़कर तकरीबन 75 प्रतिशत सड़क बारिश के कारण इतनी बदतर हो चुकी है कि इन सड़कों पर बाइक तो क्या पैदल भी चल पाना मुश्किल हो जा रहा है। ग्रामीण अंचलों के बदहाल सड़कों पर बारिश का पानी लबालब भरा हुआ है। ऐसी सड़कों पर चलना लोगों के लिए जान जोखिम भरा लगने लगा है। सरकार ने इन सड़कों की मरम्मत के लिए डीएमएफ मद का इस्तेमाल करने वाली है।

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दरअसल डीएमएफ मद में जिले में पर्याप्त राशि है। इसका उपयोग सड़कों के संधारण के लिए किया जा सकता है। कलेक्टर नीरज कुमार बनसोड़ ने आने वाले दिनों में इस मद के तहत सड़कों के कायाकल्प के लिए राशि जारी करने वाले हैं। बारिश के बाद आने वाले दिनों में सड़कों का कायाकल्प शुरू होगा।

गौरतलब है कि ग्रामीण अंचल की सड़कों में बारिश के पानी के कारण घुटने भर के गड्ढे हो चुके हैं। बारिश थमने के बाद इन्हीं सड़कों पर धूल का गुबार छाने लगता है। धूल के गुबार के कारण लोग सांस रोग के शिकार हो रहे हैं, वहीं दुर्घटना भी घटते रहती है।

दिलचस्प यह है इन सड़कों के कायाकल्प के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं है। जितना बजट था उसका इस्तेमाल किया जा चुका है। सड़कों का निर्माण व मरम्मत जारी भी है। लेकिन बजट से कहीं अधिक बदहाल सड़कें हैं, जिसकी मरम्मत कराना अति आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय मदों का इस्तेमाल कर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। आने वाले दिनों में लोगों को चमचमाती सड़कों का लाभ मिलेगा।

60 सड़कें हैं चिन्हांकित
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क की तकरीबन डेढ़ सौ सड़कें हैं। जिसमें से तकरीबन आधे से अधिक सड़कों की अवधि 10 साल पूरी हो चुकी है। 10 साल पूरी अवधि कर चुके सड़कों का नए सिरे से निर्माण करना होता हैए लेकिन सरकार के पास इतनी बजट नहीं है। इसके चलते राज्य व केंद्र शासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुरानी सड़कों के संधारण के लिए करोड़ो रुपए का बजट स्वीकृत कर दिया है।

काफी हद तक काम प्रगतिरत भी है। लेकिन जिन सड़कों की अवधि 10 साल पूरी हो चुकी है ऐसे 60 सड़कें हैं जिनका किसी न किसी तरह मरम्मत करना अति आवश्यक है। इसके लिए गौण खनिज मद का इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है।

- जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की मरम्मत गौंण खनिज मद से कराए जाने की योजना है। इसके लिए कलेक्टर से स्वीकृति मिलने वाली है। बारिश के बाद बदहाल सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी- डीपी राठौर, ईई, पीएमजीएसवाय

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