
प्रवासी गर्भवती महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए जारी किया जाएगा विशेष कार्ड
जांजगीर-चांपा. जिले के क्वारेंटीन सेंंटर में इस समय 497 गर्भवती महिलाएं रह गई है। इन सभी को अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला मुख्यालय में अलग से क्वारेंटीन किया जा रहा है। इसके लिए जांजगीर शहर में पांच क्वारेंटीन सेंटर बनाए गए हैं। ताकि गर्भवती महिलाओं की बेहतर तरीके से देखभाल हो सके और प्रसव पीड़ा होने पर तत्काल स्वास्थ्य सुविधा दी जा सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देश पर गर्भवती महिलाओं को एक कार्ड भी जारी करने का निर्णय लिया है। जिसमें गर्भवती महिला की नाम, पता, किसी राज्य से आई है, कोरोना पॉजिटिव या या निगेटिव सारी डिटेल्स रहेगी।
ताकि प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक और स्टाफ बिना डरे इलाज कर सके। सीएमएचओ डॉ. एसआर बंजारे ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले के अलग-अलग क्वारेंटीन सेेंटर में रूकी गर्भवती महिलाओं को चिन्हांकित किया गया है।
वर्तमान में 497 गर्भवती महिलाएं क्वारेंटीन में हैं। सभी को जिला मुख्यालय जांजगीर में बनाए गए अलग से क्वारेंटीन सेंटर में लाने की कार्रवाई चल रही है। यहां चार-पांच दिन के भीतर समस्त टीकाकरण, हीमोग्लोबीन की जांच की जाएगी।
आयरन कैल्शियम की टेबलेट भी दी जाएगी। साथ भी सभी की आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी क्योंकि आगे प्रसव पीड़ा होने पर सभी को अस्पताल भेजा जाएगा। ऐसे में चिकित्सक और स्टाफ चिंतामुक्त होकर इलाज कर सके कि संबंधित महिला कोरोना पॉजिटिव नहीं है। इसके लिए एक कार्ड जारी किया जाएगा। जिसमें इस बात का उल्लेख होगा कि गर्भवती महिला की इस तारीख की आरटीपीआर जांच हुई है और रिपोर्ट यह है।
दअरसल, पिछले दिनों हथनेवरा क्वारेंटीन सेंटर में गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। परिजन ने देर से इलाज होने का आरोप लगाया था। ऐसे में जिला प्रशासन अब इसको लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है। इसीलिए सभी गर्भवती महिलाओं को अब केवल जिला मुख्यालय में रूकने की व्यवस्था की है।
अब तक 72 गर्भवती महिलाएं की जा चुकी शिफ्ट
कलेक्टर यशवंत कुमार के निर्देश पर अन्य राज्यों से वापस आईं गर्भवती महिला कामगारों की विशेष देखभाल के लिए जिला मुख्यालय में पांच क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। अब तक इन सेटरों में 72 गर्भवती महिलाओं को शिफ्ट किया जा चुका है। एडी एम मेनका प्रधान ने इन सेंटरों का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, खान पान आदि का जायजा लिया और वहां ड्यूटी में लगे कमियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जांजगीर के पोस्ट मेट्रिक कन्या छात्रावास में- 14, प्री मेट्रिक एससी, एसटी बालक छात्रावास में- 23,गट्टानी विद्यालय-10 ज्ञानोदय विद्यालय-13 और कन्या महाविद्यालय- 12 गर्भवती महिलाओं को क्वारंटीन में रखा गया है।
तीन शिफ्ट में दो-दो लोगों की ड्यूटी
महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित की गई है। महिलाओं को आवश्यकतानुसार दवाईयां भी उपलब्ध कराई जा रही है। सभी शिविरों में सुरक्षा के लिए एसडीएम के द्वारा तीन शिफ्ट में 2-2 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। महिलाओं की जरूरत के हिसाब से प्रात: नाश्ता, दोपहर एवं शाम को पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय में करीब 150 गर्भवती महिलाओं के लिए क्वारंटीन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है।
Published on:
1 Jun 2020, 11:41 AM IST
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