जांजगीर चंपा

एनएच की सड़क पर स्टेट की दखलंदाजी हावी!

नेशनल हाइवे की सड़क पर स्टेट के अधिकारी कर्मचारियों की दखलंदाजी की वजह से एनएच के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। जिला मुख्यालय के इर्द गिर्द ऐसी तीन सड़कें हैं जिसमें नियम को ताक में रखकर छेड़छाड़ किया जा रहा है। यानी सड़क की चौड़ाई बिना अप्रूवल के बढ़ाई जा रही है।

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एनएच की सड़क पर स्टेट की दखलंदाजी हावी!

जांजगीर-चांपा। ऐसे में एनएच ४९ व स्टेट के अधिकारी आमने सामने आ रहे हैं। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली स्थित कार्यालय से अपू्रवल लाओ तभी सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। जबकि स्टेट के स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधि इस संबंध में मनमानी में तुले हुए हैं और एनएच के अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिए हैं कि किसी भी सूरत में सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए। ऐसे में सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना खासा प्रभावित हो रहा है।
पूरा मामला जिला मुख्यालय के करीब के ही है। जिसमें रातों रात नहर में पुल का निर्माण किया जा रहा है तो वहीं सड़क में डिवाइडर निर्माण किया जा रहा है लेकिन केंद्र सरकार से अनुमति नहीं है। इसके बाद भी सड़क की चौड़ाई बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि शहर विकास के हित में यह अच्छी पहल है लेकिन एनएच ४९ विभाग से अप्रूवल नहीं मिलने से दोनों विभाग के अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है।
डिफरेंस की राशि आखिर आएगी कहां से
एनएच के अधिकारियों ने बताया कि एनएच की सड़क की तय मापदंड के अनुसार बनाने के बजाए उसमें छेड़छाड़ जरूर किया जा रहा है कि लेकिन डिफरेंस की राशि आखिर कौन देगा। यदि तय मानकों की अनदेखी कर सड़क की लंबाई चौड़ाई बढ़ाई घटाई जाए तो सड़क मापदंड के अनुरूप नहीं बन पाएगी। यदि सड़क तय समय से पहले टूटेगी तो लोग एनएच पर आरोप लगाएंगे। जिससे विभाग की छवि धूमिल होगी।
केस वन
बीटीआई चौक जांजगीर में इन दिनों नहर पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस निर्माण होने के बाद सड़क की चौड़ाई तकरीबन १७ मीटर की हो चुकी है। स्थानीय सरकार ने एक ओर पुल का निर्माण तो कर दिया लेकिन सड़क की चौड़ाई के लिए एनएच पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं एनएच के अधिकारियों का कहना है कि जब तक केंद्र से अप्रूवल नहीं मिल जाता तब तक सड़क की चौड़ाई कैसे बढ़ाई जाए। वहीं दूसरी समस्या यह है कि जब तक सड़क के इर्द गिर्द अतिक्रमण नहीं हटाया जाता तब तक सड़क का निर्माण कैसे करेंगे। ऐसे में पेंच अड़ गया है।
केस टू
नेता जी चौक से कचहरी चौक तक सड़क में डिवाइडर बनाने का काम चल रहा है। एक ओर डिवाइडर तो बन गया लेकिन दूसरी ओर सड़क में डिवाइडर बनने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए एनएच के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। नियम के मुताबिक एक-एक ओर की सड़क ४.५ मीटर की चौड़ाई होनी चाहिए, लेकिन अब इसकी चौड़ाई बढ़ाने पर दबाव बनाया जा रहा है। जबकि इसके लिए अप्रूवल नहीं लिया गया है।
केस थ्री
चांपा के ओशो आश्रम के पास सड़क ९ मीटर चौड़ी होनी चाहिए। लेकिन यहां पर चौड़ाई अधिक हो चुकी है। जिस पर स्थानीय लोगों के द्वारा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने पर दबाव बनाया जा रहा है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए एक भाजपा नेता द्वारा दबाव बनाया गया कि आखिरकार सड़क की चौड़ाई कैसे बढ़े, इसका उपाय बताया जाए। जिस पर एनएच के अधिकारी ने दिल्ली स्थित एनएच कार्यालय में बात करने की सलाह दी।
एनएच की सड़क पर अनावश्यक छेड़छाड़ कर चौड़ाई बढ़ाने दबाव बनाया जा रहा है। खासकर नेताजी चौक से कचहरी चौक तक की सड़क, नहर पुल की सड़क चौड़ाई बढ़ाने जोर दिया जा रहा है। जो एस्टीमेट में नहीं है। इसमें डिफरेंस की राशि आखिर आएगी कहां से। यदि सड़क तय मानक में नहीं बनेगी तो एनएच की छवि धूमिल होगी।
- विजय साहू, सब इंजीनियर, एनएच ४९

Published on:
27 Jan 2023 09:31 pm
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