
किसान नहीं बेच पाए हैं धान (photo source- Patrika)
CG News: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी तक चलने की घोषणा हुई है। अभी भी हजारों किसानों ने धान नहीं बेचा है, इधर बताया जा रहा है कि समितियों में किसानों का टोकन जारी करना बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि नोडल आफिसरों के द्वारा सत्यापन के बाद ही अब किसानों को टोकन जारी होगा। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान टोकन के लिए अब तहसीलों का चक्कर लगाने मजबूर होंगे।
गौरतलब है कि धान खरीदी में इस बार किसानों को शुरूआत से ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते अब भी किसान रकबा सुधार समेत कई तरह की तकनीकी दिक्कतों से जूझते आ रहे हैं। अब ऐसे किसानों के लिए नई समस्या खड़ी हो गई है जिन्होंने धान बेचने के लिए टोकन नहीं कटाया है। बताया जा रहा है कि समिति स्तर पर किसानों को 9 जनवरी से टोकन जारी करने पर रोक लगा दी गई है और टोकन के लिए आवेदन करने पर समिति के द्वारा आवेदन को तहसील में भेजा जा रहा है। जहां नोडल अधिकारियों के द्वारा उक्त किसानों के घर जाकर सत्यापन किया जाएगा कि उसके पास धान है या नहीं।
सत्यापन के बाद ही किसानों को टोकन मिलेगा। इस नियम से किसानों को अब टोकन के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों को अब चिंता सता रही है कि वे धान बेचने से वंचित न हो जाएं। इस नियम से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आंदोलन की स्थिति बनती नजर आ रही है। इधर अधिकारियों का कहना है कि 26 से 27 जनवरी तक खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी हो चुका है।
जिले में 1 लाख 25 हजार किसान पंजीकृत हैं। अब तक 88 हजार किसान ही धान बेच पाए हैं। अभी भी ३७ हजार किसान धान बेचने के लिए शेष बचे हैं। रकबा सुधार तकनीकी दिक्कतों के चलते किसान परेशान हैं।
Published on:
11 Jan 2026 04:01 pm
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