
एडीजे कोर्ट का स्टेनो एक लाख के नकली नोट के साथ गिरफ्तार, वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी फरार
जांजगीर-चांपा. एडीजे कोर्ट का स्टेनो संजय देवांगन एवं सीएचसी पामगढ़ का वार्डब्वाय धनीराम देवांगन एक लाख दो हजार रुपए के नकली नोट के साथ बुधवार को पामगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने दोनों युवकों के कब्जे से नकली नोट के अलावा एक लैपटॉप, स्केनर, कलर प्रिंटर एवं अन्य सामान जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि बुधवार को पामगढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में दो व्यक्ति नकली नोट खपाने के फिराक में घूम रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस सक्रिय हुई और पामगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार लहरे घेराबंदी करते हुए युवकों को तहसील कार्यालय के पास पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी खोखरा निवासी रामदयाल देवांगन (३४) व उसका साथी संजय कुमार देवांगन (३६) पामगढ़ में बुधवार की सुबह ९ बजे नकली नोट रखकर दुकान में घूम रहे थे। पुलिस ने उनकी तलाशी ली तब उनके कब्जे से नकली नोट का जखीरा मिला। एक लाख के नकली नोट एक ही सिरीज के हैं और असली नोट से हू-बहू मिलता जुलता है।
दोनों के कब्जे से पुलिस ने २००, ५०० व ५० रुपए के एक लाख २ हजार रुपए के नकली नोट जब्त किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा ४८९ क, ४८९ ख, ४८९ घ, ३४ के तहत जुर्म दर्ज कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। इस मामले में संजय देवांगन का भाई ऋषि देवांगन भी शामिल था। वह अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उक्त कार्रवाई में एसआई राजकुमार लहरे, एएसआईबी लकड़ा, प्रआ. अरूण कुमार सिंह सहित उनकी टीम का योगदान था।
मास्टर माइंड है संजय देवांगन
पामगढ़ थाना प्रभारी लहरे ने बताया कि संजय देवांगन एडीजे कोर्ट में स्टेनो है। दिमाग से तेज संजय देवांगन के पास नकली नोट बनाने के कई तरह के इक्यूपमेंट है। लहरे ने बताया कि जब उसके पास से मोबाइल व लैपटॉप जब्त किए तो उसके सिस्टम में नकली नोट बनाने के तरीकों का जखीरा मिला। बताया जा रहा है कि वह नकली नोट को बनाने के लिए हाईटेक पद्धति का इस्तेमाल किया है। बाजार में वह काफी अर्से से नकली नोट खपाने का काम कर चुका है।
कोचिंग क्लास भी चलाता है संजय
स्टेनो संजय देवांगन डीडी प्लाजा के पास स्टेनों का कोचिंग क्लास भी चलाता है। इसके अलावा और पहले भी कई तरह के काले कारोबार कर चुका है। कोर्ट से अच्छी खासी सैलरी मिलने के बाद भी उसे पैसे कमाने का इतना मोह था कि वह रातों रात करोड़पति बनना चाहता था। आखिरकार वह काला कारोबार करते पकड़ा गया।
नकली नोट पकडऩे में मिली तीन कामयाबी
थाना प्रभारी राजकुमार लहरे के साथ अजीब संयोग सामने आ रहा है। वह जहां भी थाना प्रभारी बना नकली नोट के प्रकरण उसे मिल ही जा रहा है। इससे पहले जैजैपुर थाने में २१ लाख ४२ हजार रुपए का नकली नोट पकड़ा था। बाराद्वार में भी ९० हजार रुपए का नकली नोट पकड़ा था। १७ अप्रैल को फिर पामगढ़ में १ लाख २ हजार मिले।
Published on:
18 Apr 2019 01:15 pm
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