
जांजगीर-नैला नपा में पार्षदों का हंगामा (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Crime News: जांजगीर-नैला नगरपालिका में पार्षदों पर हंगामा व ऑफिस में आग लगा देने की धमकी की शिकायत सीएमओ ने थाने में की है। शिकायत के अनुसार नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला के कार्यालय में 9 अप्रैल को दोपहर लगभग 3.30 बजे वार्ड 1 के पार्षद सुनील कश्यप और वार्ड 24 के पार्षद अजीत गढ़ेवाल पर उपद्रव मचाने, कर्मचारियों को धमकाने के संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दोनों पार्षद शराब के नशे में नगर पालिका जांजगीर-नैला कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कार्यालयीन माहौल को पूरी तरह भंग कर दिया और वहां कार्यरत पुरुष एवं महिला कर्मचारियों को गाली-गलौज करते हुए धमकाया। इसी दौरान पार्षद अजीत गढ़ेवाल ने सुनील कश्यप के साथ मिलकर कर्मचारियों को पूरे ऑफिस को आग लगा देंगे कहकर गंभीर धमकी दी।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी के मुताबिक, यह घटना पूरे कार्यालय के सभी कर्मचारियों (पुरुष व महिला) के सामने हुई। कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज में पार्षदों के इस कृत्य का रिकॉर्ड मौजूद है। इस घटना से कार्यालय का शासकीय कार्य पूर्णत: प्रभावित हुआ है और कर्मचारियों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है।
सीएमओ ने थाना प्रभारी, जांजगीर को लिखे पत्र में इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए पार्षदों सुनील कश्यप और अजीत गढ़ेवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 506, 504, 268, 323, 427 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सीएमओ विक्रण भगत ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का यह व्यवहार अशोभनीय है। ऑफिस में महिला कर्मचारी भी हैं। इस तरह के माहौल से खासकर महिलाओं में गलत असर जाता है।
ज्ञात हो कि वर्तमान में नगरपालिका जांजगीर-नैला सुर्खियों में है। लगातार धमकी व मारपीट की शिकायतें थाने में हो रही है। दो दिन पहले ही एक भाजपा नेता पर सीएमओ को जान से मारने की धमकी की शिकायत हुई थी। इसके पहले भी दो से तीन पार्षदों के खिलाफ थाने में शिकायत हो चुकी है। लेकिन मजे की बात यह है कि आज तक किसी भी के खिलाफ जांच व फाइलें आगे नहीं बढ़ पाई है।
आरोप है कि, उन्होंने राजस्व शाखा की तीन महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें भी जबरन उठाकर अपने साथ ले गए। सरकारी फाइलें अपने साथ ले जाने से मामला और बड़ा हो गया है। हालांकि इस संबंध में पार्षदों का कहना है कि यह आरोप गलत है। किसी सरकारी फाइलें को अपने साथ नहीं ले जाया गया है।
सामान्य चर्चा करने के लिए पालिका गए हुए थे। निर्वाचित जनप्रतिनिधि हंै, जानकारी लेने का तो अधिकार है। साथ ही किसी प्रकार की फाइल नहीं ले गए हैं और न ही किसी प्रकार की धमकी दी गई है। -अजीत गढ़ेवाल, वार्ड 24 पार्षद
Published on:
11 Apr 2026 04:15 pm
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