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इसलिए सरकारी राशन नहीं पहुंचता जरूरतमंदों तक, यहां का दुकान संचालक ३२३ बोरी चांवल सहित फांक गया सात बोरी शक्कर

जांच में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद संचालित हो रही दुकान

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जांच में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद संचालित हो रही दुकान

जांच में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद संचालित हो रही दुकान

पामगढ़. नगर पंचायत क्षेत्र राहौद में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालक व अन्य जिम्मेदारों ने भ्रष्टाचार की चरम सीमा को पार कर दिया है।

हालत यह है कि इनके द्वारा 176.90 क्विंटल चावल, 3.92 क्विंटल शक्कर और 200 लीटर मिट्टी का तेल चट कर दिया गया, लेकिन अभी तक किसी के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई। उल्टा पूरे मामले में राजनीति करते हुए अध्यक्ष व प्रबंधक ने सामान्य समिति की बैठक बुलाकर विक्रेता को हटाने का प्रस्ताव पास कर चपरासी के भरोसे दुकान छोड़ दिया है।


जानकारी के मुताबिक इस मामले में वीरेंद्र चंद्राकर और संदीप सिंह ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी। खाद्य निरीक्षक पामगढ़ के द्वारा 6 जून 2018 को राहौद शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचकर स्टॉक पंजी की जांच की गई। जांच के दौरान पूछताछ करने पर हितग्राही वीरेंद्र चंद्राकर ने बताया क उसकी पत्नी गीता चंद्राकर के नाम पर नीला राशन कार्ड जारी है।

उसके द्वारा मई 2018 का राशन नहीं उठाया गया, जबकि विक्रेता ने उसके नाम पर राशन का उठाव दर्शाया हुआ है। इसी तरह मिथलेश देवांगन ने बताया कि वह जब विक्रेता चंद्रशेखर के पास अपना राशन मांगने गया तो वह दुकान बंद करके चला गया। बृहस्पति पति पुनऊ ने बताया कि उसने खाद्यान्न का उठाव नहीं किया है, लेकिन उसके बाद भी उसके नाम पर राशन का उठाव दिखाया गया है।

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सुखीराम पिता भरत लाल देवांगन ने बताया कि उसने जनवरी व फरवरी माह सहित दो माह की जगह उसे मात्र एक माह का ही राशन दिया गया। इस तरह देखा जाए तो शासकीय उचित मूल्य दुकान राहौद में भारी पैमाने पर गलत करके गरीब हितग्राहियों का हक मारा गया, जांच में भी यह सही पाया गया, लेकिन अभी तक इस पर शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

चपरासी कर रहा दुकान का संचालन
जांच के दौरान खाद्य निरीक्षक ने पाया कि दुकान में वितरण का कार्य वहां के चौकीदार चंद्रशेखर द्वारा किया जा रहा है और विक्रेता के पद पर उमेश कुमार कश्यप नियुक्त है। इसकी सूचना खाद्य विभाग को नहीं दी गई और अपनी मर्जी से ही कुछ भी किया जा रहा है।

-मुझे इसकी जानकारी है। इसके लिए प्रबंधक पूरी तरह से जिम्मेदार है। मैंने उसे नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब भी मांगा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
-मनोज कुमार चंदेल, अध्यक्ष, सेवा सहकारी समिति राहौद

-जो भी गलत हुआ है वह वितरण करने वाले ने किया है। उसका जवाब भी वहीं देगा। मैंने तो खाद्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
-रामेश्वर महिपाल, प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति, राहौद

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