
नहर सूखते ही शहर होने लगा ड्राई, बोर हैंडपंप देने लगे जवाब, टैंकर भेजना पड़ रहा
जांजगीर-चांपा. सर्वाधिक पानी की किल्लत वार्ड क्रमांक ६ में बताई जा रही है। जहां टैंकर से पानी सप्लाई करनी पड़ रही है। विडंबना है कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद आज तक कितने अधिकारी और अध्यक्ष बदल गए लेकिन आज तक पूरे शहर में पाइप लाइन तक नहीं बिछाया जा सका है। पालिका जहां नल घर तक स्थापित किया गया है लेकिन स्थिति यह है कि वार्ड के कुछ मोहल्लों तक ही पाइप लाइन बिछी है और गलियों में आज तक पाइप लाइन विस्तार नहीं हो पाया है।
ऐसे में जहां पंप हाउस का पाइप बिछा है वहां तक लोगों को कुछ हद तक पानी नसीब हो जा रहा है लेकिन जिधर पाइप लाइन ही नहीं बिछी है उस इलाके के बोर और हैंडपंप के हलक सूखने के बाद उन्हें पानी के लिए भारी समस्या हो रही है। भीषण गर्मी में ऐसी ही समस्या से वार्ड क्रमांक ६ के कुछ मोहल्ले के लोग जूझने मजबूर हैं क्योंकि यहां भी ऐसी ही स्थिति है कि एक-दो गली में ही पंप हाउस का पाइप लाइन बिछा है बाकी बीडी महंत स्कूल गली, उपाध्याय कॉम्पलेक्स वाली गली समेत अधिकांश गली में आज तक पाइप लाइन विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में पंप हाउस का पानी चंद लोगों तक पहुंच पा रहा है। बाकी लोग निजी बोरऔर हैंडपंपों के सहारे है। लेकिन नहर का पानी कम होने से जलस्तर भी गिरने लगा है और पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में टैंकर चलाने की मांग लोगों के द्वारा वार्ड पार्षद से की गई थी। वार्ड पार्षद अमित यादव ने बताया कि इस संबंध में वाहन प्रभारी और सीएमओ को अवगत कराया गया था जिसके बाद आज से वार्ड में टैंकर भेजना शुरु किया गया है। इससे लोगों को काफी हद तक राहत मिली है। गर्मी तक टैंकर नियमित रुप से भेजने की जरुरत है।
करोड़ों की जल आवर्धन योजना केवल शोपीस
शहर में पानी सप्लाई के लिए निर्माणधीन जल आवर्धन योजना अभी लोगों के लिए केवल परेशानी का सबब बने हुई है। जिस गति से काम चल रहा है उससे नहीं लगता कि आने वाले एक-दो साल से पहले इससे लोगों को बूंदभर भी पानी नसीब हो पाएगा। क्योंकि अभी तक तो पाइप लाइन ही बिछाने का काम चल रहा है जबकि तीन साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इधर पालिका के जिम्मेदार इसी का हवाला देकर अब पाइप लाइन विस्तार करने की आवश्यकता ही नहीं बता रहे हैं मगर विडंबना है कि जिसका हवाला दिया जा रहा है उससे पानी कब नसीब होगा यह तो भगवान ही जाने।
टैंकर मुक्त शहर बनाने की कवायद
उल्लेखनीय है कि नगरीय निकायों को टैंकर मुक्त बनाने की कवायद चल रही है। पिछले दो साल में इसमें पालिका को सफलता भी मिली लेकिन इसके पीछे पालिका के जिम्मेदारों का कोई हाथ नहीं था वो तो नहर में पानी चलने और पिछले सालों गर्मी के दौरान नहर से तालाबों को भर लेने और बीच-बीच में बेमौसम बारिश हो जाने से शहर में जलस्तर डाउन नहीं हुआ। लेकिन इससे कोई सबक नहीं लिया। अगर इन दो सालों में जहां पाइप लाइन बिछाने की आवश्यकता थी वहां अगर ये काम कर दिया जाता तो शायद इस साल भी टैंकर चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती मगर ऐसा नहीं हो सका।
Published on:
06 Jun 2022 10:22 pm
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