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नहरिया बाबा रोड में लगाए गए तिरंगा लाइटों की रोशनी पांच माह में होने लगी खराब

शहर में तिरंगा वाली लाइटों को प्रमुख स्थानों पर लगाया गया तो यहां का नजारा ही बदल गया था। शाम ढलने के बाद शहर तिरंगा रोशनी में डूब जाता था। यह नजारा देखने वाले भी चकित हो जाते थे। दूसरे शहरों से आने वाले लोग यहां की चकाचौंध देखकर प्रशासन के इस प्रोजेक्ट की सराहना कर रहे थे।

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नहरिया बाबा रोड में लगाए गए तिरंगा लाइटों की रोशनी पांच माह में होने लगी खराब

tirnaga lait band

पालिका प्रशासन की ओर से तिरंगा लाइटों पर एक करोड़ से अधिक खर्च किया गया था। इसके बाद भी पांच माह में ही यह लाइटें खराब होने लगीं। पालिका प्रशासन की लापरवाही से इस प्रोजेक्ट का फायदा शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
१ करोड़ १० लाख रुपए की लागत से नहरिया बाबा मार्ग में नहरिया बाबा मंदिर से लेकर खोखरा मोड़ तक विद्युत पोल, एलईडी व तिरंगा लाइट लगाया गया। महानगरों की तरह शहर को विकसित करने के लिए पूर्व कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला के निर्देशन में कई प्रोजेक्ट तैयार किए थे। इसमें गत दिवस दिवस से जिस प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई, वह काफी सराहनीय था। शहर के नहरिया बाबा मंदिर रोड में तिरंगा लाइटें लगवाने का काम शुरू किया गया। शुरूआत में यह लाइटें काफी बेहतर लगीं और इस एरिया का नजारा ही बदल गया। इस मार्ग में अंधेरा होने के कारण असाामजिक तत्वों का डेरा बन चुका था। वह खत्म हो गया। साथ ही लोग तिरंगा लाइट लगने के बाद इवनिंग वाक करते हुए नहरिया बाबा मंदिर तक जाने लगे थे। मार्ग सुुंदरता में चार चांद लग गया था। इसके बाद लाइटों को शहर भर में लगवाने का काम पालिका प्रशासन ने शुरू किया। पालिका प्रशासन ने टेस्टिंग के लिए अन्य जगहों में लगाया गया। इसके बाद अब पालिका इस ओर दोबारा ध्यान ही नहीं दे रहा है। अब नहरिया मार्ग की तिरंगा लाइट सभी खराब हो चुकी है। पांच माह में ही करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सुंदरता पर ग्रहण लग गया। लाइटों की देखरेख का जिम्मा पालिका प्रशासन का था। पालिका कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक के बाद एक काफी लाइटें खराब हो चुकी हैं। लाइट अगर खराब हो चुकी है, इस ओर ध्यान देकर बदलना चाहिए।
सीएमओ को शहर की समस्या से कोई सरोकार नहीं
नपा सीएमओ चंदन शर्मा को शहर की समस्या को लेकर कोई मतलब ही नहीं है। वह शहरवासियों की शिकायत पर कभी शहर की समस्या को आगे ही नहीं आया है। केवल आफिस में बैठकर कुर्सी तोड़ रहे है। वर्तमान में झमाझम बारिश होते ही कई मोहल्ले में घरों तक पानी घुस जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार नपा सीएमओ का क्या मजाल की वह शहर के लोगों की समस्या को दुरूस्त करें। समस्या का समाधान करना तो दूर निरीक्षण करने भी आज तक आफिस से नहीं निकले हैं। इसके अलावा सफाई, नाली जाम, बेजाकब्जा पर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं।
विवेकानंद मार्ग का भी यही हाल
नपा द्वारा नहरिया बाबा रोड सहित विवेकानंद मार्ग में टेस्टिंग के तौर पर तिरंगा लाइट लगाई गई थी। यहां भी तिरंगा लाइट तो नजर ही नहीं आती हैं। यहां की तिरंगा लाइट तो चंद दिनों में ही खराब हो गई। इससे स्पष्ट है कि शहर की सुंदरता दिखाने के लिए शहरवासियों को गुमराह कर तिरंगा लाइट लगाई गई है। माने खराब क्वालिटी की लाइट लगाई है, जो पांच माह में ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया।
वर्जन
तिरंगा लाइट नहीं जल रही है, इसकी शिकायत मिली है। जल्द ही इसका मेंटनेंस कराया जाएगा। ताकी शहर का सुंदरता में कोई कमी नहीं आए।
भगवान दास गढ़वाल, नपाध्यक्ष जांजगीर-नैला
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