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आखिर क्यों भवन बन जाने के छह माह बाद भी उप स्वास्थ्य केंद्र का नहीं हुआ लोकार्पण, पढि़ए खबर…

- स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी भवन में हो रहा है संचालित
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 3 Jun 2018, 12:58 PM IST

आखिर क्यों भवन बन जाने के छह माह बाद भी उप स्वास्थ्य केंद्र का नहीं हुआ लोकार्पण, पढि़ए खबर...

आखिर क्यों भवन बन जाने के छह माह बाद भी उप स्वास्थ्य केंद्र का नहीं हुआ लोकार्पण, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. बीते १० सालों से नैला का उप स्वास्थ्य केंद्र जुगाड़ के भवन में संचालित हो रहा। इसके लिए आरईएस ने भवन बनाकर तैयार भी कर दिया है, लेकिन तकनीकी पेंच की वजह से छह माह बाद भी भवन का लोकार्पण नहीं हो पाया रहा है। जिसके चलते यह स्वास्थ्य केंद्र अब भी जुगाड़ के भवन यानी नैला के आंगनबाड़ी में संचालित हो रहा है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को यहां काम करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक दशक पहले नैला में उप स्वास्थ्य केंद्र की सौगात मिली थी। तत्कालीन समय में यह उप स्वास्थ्य केंद्र रेलवे फाटक के उस पार सूर्यवंशी समाज के सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा था। किसी कारणवश यह अस्पताल वहां से हटा लिया गया और अब यह स्वास्थ्य केंद्र फिर जुगाड़ के भवन यानी आंगनबाड़ी भवन में संचालित हो रहा है।

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स्थानीय लोगों की मांग पर शासन ने भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया और आरईएस को काम की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह भवन नैला के जूना तालाब के सामने बनकर तैयार है, लेकिन दुर्भाग्य है कि भवन को बने ६ माह बीत गए, इसके बाद भी भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते उप स्वास्थ्य केंद्र बीते दस सालों से जुगाड़ के भवन में संचालित हो रहा है।

यह है तकनीकी पेंच
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के सीजीएमएससी को २२ लाख रुपए देती है। लेकिन शासन आरईएस को नैला के उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए ३० लाख रुपए दी है। इसके बाद भी आरईएस भवन निर्माण का कार्य पूरा नहीं कर पाया है। भवन के आसपास समतलीकरण का कार्य अधूरा पड़ा है। जिसे पूरा करने विभाग को पत्राचार किया गया है। लेकिन आरईएस गंभीर समस्या पर संजीदा नहीं है।

तीन किलोमीटर दूर जाते हैं इलाज के लिए
नैला के लोगों का कहना है कि यहां के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए तीन किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाते हैं। जिसके चलते उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में जहां उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रही है वहां सुविधाओं का अभाव है। जिसके चलते मरीजों को सीधे तीन किलोमीटर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यदि यह अस्पताल शुरू हो जाएगा तो उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मोहल्ले में ही मिलने लगेगा।

यह हो रही हैं दिक्कतें
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल संचालन के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में जहां अस्पताल संचालित की जा रही है वह काफी छोटी जगह है। अस्पताल में न तो मरीजों को लिटाने के लिए पर्याप्त कमरे हैं और न ही बेड की व्यवस्था है। इतना ही नहीं वैक्सीनेशन के लिए भी पर्याप्त सुविधा नहीं होने से कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसके चलते उन्हें व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में भवन बनकर तैयार है। लेकिन हैंडओवर नहीं होने से नैला के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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