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डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने बम्हनीडीह में खुला दुग्ध संग्रहण केंद्र

सरकार डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने बम्हनीडीह में दुग्ध संग्रहण केंद्र की सौगात दी है। यहां प्रति दिन एक हजार लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है।

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 बम्हनीडीह में दुग्ध संग्रहण केंद्र की सौगात दी

सरकार डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने बम्हनीडीह में दुग्ध संग्रहण केंद्र की सौगात दी है। यहां प्रति दिन एक हजार लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है।

जांजगीर-चांपा।. सरकार डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने बम्हनीडीह में दुग्ध संग्रहण केंद्र की सौगात दी है। यहां प्रति दिन एक हजार लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है।

इतना ही नहीं आसपास के गांव में कलेक्शन सेंटर की स्थापना की गई है जहां पशु पालकों द्वारा प्रति दिन सैकड़ो लीटर दूध बिक्री की जा रही है। यह दूध देवभोग के दूध उत्पादन कंपनी में जाएगा। बम्हनीडीह को डीएमसी सेंटर बनाया गया है। इसके अलावा लखुर्री,

नंदेली और दतौद को कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। बुधवार को लखुर्री में कलेक्शन सेंटर में पशु पालक दूध बिक्री करने टूट पड़े। पहले दिर यहां 600 लीटर दूध की बिक्री हुई।


जांजगीर चांपा जिले में साल भर पहले तरौद में दुग्ध संग्रहण केंद्र खुला था। तकनीकी कारणों से यहां का कलेक्शन सेंटर मूर्त रूप नहीं ले पाया। प्रचार प्रसार के अभाव में यह केंद्र सफल नहीं होने से जैसे तैसे संचालित हो रहा है। इसके बाद जिले में सबसे बड़ा दुग्ध संग्रहण केंद्र बम्हनीडीह में खुला है। यहां प्रति दिन एक हजार लीटर दूध का संग्रहण करने का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को इसकी विधिवत शुभारंभ हुआ।

इसके अलावा लखुर्री, दतौद व नंदेली में इसके लिए कलेक्शन सेंटर भी खोला गया है। डीएमसी के अलावा कलेक्शन सेंटर में दुग्ध उत्पादकों की अधिक भीड़ रही।

क्षेत्र के पशु पालक व दुग्ध विक्रेताओं ने तकरीबन 600 लीटर दूध की बिक्री की। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष राम प्रकाश केशरवानी ने बताया कि जिले के दुग्ध उत्पादकों के लिए बड़ी सौगात है। क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक अब इस उद्योग को प्रमुखता से स्वीकार करेंगे।


41 रुपए लीटर बिकेगी दूध- देवभोग कंपनी के कर्मचारी दूध की खरीदी के लिए कलेक्शन सेंटर पहुंच रहे हैं। किसानों के दूध को 41 रुपए प्रति लीटर खरीद रहे हैं। दूध को डिग्री से मापा जा रहा है। यदि डिग्री में 30 सेमी से कम गुणवत्ता पाई जाती है तो रेट में कटौती कर दी जाएगी। पानी मिले दूध की भी जांच की जाएगी। जांच के उपरांत ही किसानों को सही दर मिल पाएगा। डीएमसी खुलने के बाद दूध उत्पादक किसानों के चेहरों पर खुशी आ गयी है।