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#topic of the day- जैविक खेती से मिल सकता है विषमुक्त आहार

जैविक खेती के पक्षधर जे बस्वराज शामिल हुए

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जैविक खेती के पक्षधर जे बस्वराज शामिल हुए

जैविक खेती के पक्षधर जे बस्वराज शामिल हुए

जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में मसीही अस्पताल चांपा के मैनेजर तथा जैविक खेती के पक्षधर जे बस्वराज शामिल हुए। उन्होंने जैविक खेती को आज के लिए अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे मिले उपज से हम विषमुक्त आहार पा सकते हैं।


जैविक खेती के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पद्धति से उपजाए फसल में रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता। जब से रासायनिक खाद का उपयोग प्रारंभ हुआ है, तब से इसका लगातार प्रयोग किया जा रहा है, जिससे हमारे अन्न में तथा अब भूमिगत जल में भी रसायन की मात्रा बढ़ती जा रही है।

इस स्थिति के चलते आज हम रसायनयुक्त जिसे विषैला भी कहा जा सकता है, भोजन ग्रहण कर रहे हैं, जिसके कारण हमारी शरीरिक क्षमताएं लगातार प्रभावित होती जा रही है। गर्भवती माताओं से पैदा होने वाले बच्चे भी विषैला भोजन ग्रहण कर रहे हैं। इसका प्रभाव उसके विकास पर भी विपरीत पड़ रहा है।

अजकल के पैदा होने वाले बच्चों में कई तरह की विकृतियां देखने मिल रही है, जिसका कारण विषयुक्त भोजन ही है। इससे बचने का एकमात्र उपाय जैविक खेती को बढ़ावा देना और पौष्टिक भोजन ग्रहण करने को बताया।

पेशे से सिविल इंजीनियर, लेकिन कृषि क्षेत्र में रूचि रखने वाले बस्वराज ने बताया कि वे वर्ष 2012 में जिले में आए और यहां गांवों में लोगों को जागरूक करने गए, तब जैविक खेती के बारे में खयाल आया। उन्होंने बताया कि एक गर्भवती महिला को पौष्टिक खाने की सलाह देने के बाद भी जब उसकी थाली में पहले जैसे खाना मिला,

तब उसे ही जैविक खेती के लिए जागरूक किया गया। उस महिला ने एक डिसमिल जमीन पर सब्जियों से इसका शुभारंभ किया और उसका फायदा जानने के बाद अन्य महिलाओं को संगठित करते हुए ग्रुप बनाकर जैविक रूप से सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद अन्य किसान जुड़ते गए और आज 2500 किसान इस अभियान से जुड़ चुके हैं। किसान समझते हैं कि जैविक खेती में लागत अधिक है,

लेकिन किसानों ने जब उत्पादन शुरू किया तब उन्हें समझ आया कि यह रासायनिक खाद व बीज से सस्ती है। साथ ही किसान जैविक उत्पाद के बिक्री को लेकर भी आशंकित थे, लेेकिन आज ऐसी स्थिति निर्मित हो चुकी है कि लोग उत्पादन से पहले ही खरीदने का आर्डर कर रहे हैं। उन्होंने जिले सहित प्रदेश के किसानों से जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया, जिससे लोगों की मांग व आवश्यकता की पूर्ति की जा सके।


सब्जियां व अन्न का उत्पादन
जिले के किसान करीब 200 एकड़ जमीन पर सब्जियां व अन्न का उत्पादन कर रहे हैं। जिले के बलौदा व नवागढ़ विकासखंड में किसान विशेष रूचि ले रहे हैं। इसका प्रचार-प्रसार जिले के अन्य विकासखंडों सहित प्रदेश में किया जा रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देने सरकार भी अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि उनको व उनकी टीम को सरकार से मदद मिल रही है। उन्होंने ग्राम बहेराडीह के समूह का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके द्वारा लगभग सभी तरह की सब्जियां व अन्न का उत्पादन जैविक आधार पर किया जा रहा है।