
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ने जारी किया लू का अलर्टं, मई में चढ़ेगा पारा चरम पर
जांजगीर-चांपा. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लू तरंगों पर अलर्ट जारी किया है। जिसमें इस साल अप्रैल से मई के दौरान छग सहित कुल 19 राज्यों के कोरहिट जोन में सामान्य से अधिक तापमान होने की संभावना व्यक्त की है। इस अलर्ट का उद्देश्य ताप तरंगों के प्रकोप से बचने व दुष्प्रभाव को कम करना है। केंद्र सरकार के इस अलर्ट के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने भी जिला स्तर पर लोगों को भीषण गर्मी व लू के प्रभाव के चपेट में आने से बचने व प्रारंभिक उपचार के संबंध में अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को जिले का तापमान 4३ डिग्री तक रहा। बुधवार को तापमान एक डिग्री और बढ़ गया। शादी सीजन होने के बावजूद गर्मी के कारण सीजन में भी बाजार में सन्नाटा दिखा।
बढ़ती गर्मी की वजह से लू जानलेवा भी हो सकती है
उच्च तेज धूप के चपेट में आने से लू की आशंका ज्यादा हो जाती है। कभी-कभी ये खतरनाक हो सकता है। लू लगने से भारीपन एवं दर्द का अनुभव, तेज बुखार के साथ मुंह का सुखना, चक्कर आना, शरीर में दर्द, पसीने का न आना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम लगना, भूख कम लगना एवं बेहोशी लगना है।
जानकारी से बचाव
स्वास्थ्य विभाग के महामारी नियंत्रण इकाई ने अपील की गई है कि लू के लक्षण, बचाव व उपचार संबंधी जानकारी रहने से हद तक लू के चपेट में आने से बचा जा सकता है। इसकी जानकारी ही बचाव का पहला जरिया है अगर सावधानी बरतेंगे तो लू से बचेंगे।
घर में इस तरह कर सकते हैं प्रारंभिक उपचार
सीएमएचओ के अनुसार घर में भी प्रारंभिक उपचार कर सकते हैं। जैसे उच्च बुखार पीडि़त व्यक्ति के सिर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगाएं, अधिक पानी व तरल पदार्थ जैसे कच्चे आम का पना, जलजीरा दें, पीडि़त व्यक्ति को हवादार जगह में लिटा दें व शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें। फिर डॉक्टर के पास ले जाएं।
बचने के लिए करें ये उपाय
उच्च लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप व शरीर में पानी की कमी है। सामान्यत: दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ताप तरंगें ज्यादा प्रभावशील रहती हैं। धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से ढंक लें। पानी अधिक मात्रा में पिएं।
डॉ. वीके अग्रवाल सीएमएचओ जांजगीर-चांपा
Published on:
24 Apr 2019 05:52 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
