देश के कोने-कोने में गांजा की सप्लाई के लिए बदनाम ओडिशा ने स्पेशल आपरेशन गु्रप बनाकर इस पर रोक लगाने की कोशिश के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जिसके चलते अब तस्करी के आंकड़ों में कमी आई है।
इसके साइड इफैक्ट के रूप में यह देखने को मिल रहा है कि पड़ोसी राज्यों में गांजा की कीमतों में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं पुलिसिया रिकार्ड पर गौर करें तो पहले के अनुपात में केस में भी कमी आई है।
ओडिशा राज्य में गांजा की बेतहासा खेती होती है। यह बात किसी ने छिपी नहीं है। देश के कोने-कोने में गांजा की सप्लाई गुपचुप तरीके से इसी राज्य से होती है। खासकर पड़ोसी राज्य जैसे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में इसकी धुआंधार सप्लाई होती है। लेकिन अब ऐसा कम दिखाई पड़ रहा है। दरअसल, ओडिशा सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है और 'स्पेशल आपरेशन गु्रपÓ का गठन कर इस पर कड़ी निगरानी रख रही है। जिसके चलते पड़ोसी राज्यों में इसकी सप्लाई कम हो रही है। जिसका असर नशे के बाजार में पड़ रहा है। इसकी कीमतों में एकबारगी पांच गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। ग्राहकों की माने तो पहले जो गांजा १० रुपए पुडिय़ा में आसानी से उपलब्ध हो जाता था वह अब ५० रुपए में मिल रहा है। गांजा तस्करों का कहना है कि इसकी सप्लाई भी बेहद कम हो रही है। जिसके चलते मार्केट में यह बड़ी मुश्किल से उपलब्ध हो रहा है। एक तस्कर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले ५ हजार रुपए किलो में मिलने वाला गांजा अब २५ हजार रुपए किलो में बिक रहा है। कभी कभी तो इसकी कीमत २८ से ३० हजार रुपए तक छू जाता है।
केस बनाने के बजाए छोडऩे पर कर रहे विश्वास
सूत्रों की माने तो पुलिस अब गांजा पकड़ती भी है तो उसे केस न बनाने व गांजा को उन्हीं के सुपुर्द करने की शर्तों पर छोड़ रही है। यही गांजा को खुद के दम पर तस्करों को सप्लाई करने में उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा है। क्यों कि मार्केट में आसानी से उन्हीं के मार्फत तस्करों तक बैठे ठाले खप जाता है।
डीआईजी रैंक के अफसर टीम में
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गांजा तस्करी को रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने एसओजी (स्पेशल आपरेशन गु्रप)गु्रप तैयार किया है। जिसके अधिकारी डीआईजी स्तर के हैं। जो केवल गांजा तस्करी में लगाम लगाने के लिए काम कर रहा है। जिसके चलते पहले की अपेक्षा अब गांजा की तस्करी में कमी आ रही है।
रायगढ़ जिले में भी आई बेतहासा कमी
रायगढ़ जिला भी गांजा तस्करी के लिए काफी चर्चित रहा है। क्योंकि ओडिशा बार्डर रायगढ़ से सटा हुआ है। यहां वर्ष २०२१ में जहां ६० प्रकरण दर्ज किए गए थे। जिसमें ११ क्ंिवटल गांजा बरामद हुआ था, तो वहीं मौजूदा वित्तिय वर्ष में केवल ४३ प्रकरण कायम किए है। जिसमें मात्र ६ क्ंिवटल गांजा जब्त हुआ है।
जिले में गांजा तस्करी के आंकड़े
वर्ष प्रकरण
२०१८ २५
२०१९ १५
२०२० २१
२०२१ २४
२०२२ २२
वर्जन
जिले के अलावा अब प्रदेश में गांजा तस्करी के प्रकरण कम हो रहा है। इसकी प्रमुख वजह ओडिशा सरकार ने एसओजी ग्रुप बनाकर तस्करी में कमी लाने के लिए काम कर रही है। इस गु्रप के लीडर डीआईजी लेवल के अफसर शामिल हैं। जो केवल गांजा तस्करी में कमी लाने काम कर रहे हैं।
-विजय अग्रवाल, एसपी, जांजगीर
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