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ड्राइंग नहीं होने से डीपीआर नामंजूर

- तकनीकी दल से ड्राइंग डिजाइन बनवाने की बात पर संशोधन के लिए भेजी डीपीआर

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जावरा। वर्षों से शहर को जिन सौगातों की आस है, उन पर मिले सीएम के आश्वासनों के बाद बात बनी, लेकिन विभाग ने अभी इसे अटका दिया है। ऐसे में शहर को इन सौगातों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। सेतु विभाग द्वारा शहर के रपट रोड व हाथीखाना पर पुलिया के लिए भेजे प्रस्ताव जब विभाग ने बजट के अभाव में लौटा दिए तब सीएम के आश्वासन के बाद नपा से विभाग ने इसकी डीपीआर मंगवाई। नपा ने डीपीआर तैयार कर भेजी और अंतिम मुहर लगने से पहले यह टल गई। इसे तकनीकी दल से ड्राइंग डिवाजइन बनाकर फिर से भेजने की बात पर विभाग ने लौटा दिया है।

इसी के साथ पीलिया खाल पर साढ़े ८ करोड़ के प्रोजेक्ट पर जो वर्षों पुराना मुद्दा है, इस पर सैद्धांतिक सहमति के बाद जब प्रशासनिक स्वीकृति मिलना थी, लेकिन एन मौके पर विभाग ने पीलिया खाल के प्रोजेक्ट में बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट की भी तकनीकी दल से ड्राइंग डिजाइन बनाकर भेजने की बात कहते हुए लौटा दी है। यह लेटर नपा के पास पहुंच गए हैं। ऐसे में करीब १३ से १४ करोड़ के यह तीन प्रोजेक्ट के लिए नपा को फिर से जद्दोजहद करना होगी और शहर का इस पर अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

शहर के मध्य से गुजर रहे पीलिया खाल को पिछले कई सालों से प्रदूषण मुक्त होने का इंतजार है। कभी शहर की शान रहे इस खाल में वर्तमान में शहर का प्रदूषित पानी मिलता है जो खाल को प्रदूषित कर रहा है। इससे आसपास के वातावरण के साथ शहर के हजारों लोग हर दिन प्रभावित होते है। इस पर पहले ४३ करोड़ की डीपीआर बनी, यह मंजूर नहीं हो पाई तो फिर साढ़े ८ करोड़ की डीपीआर फिर बनी, जिसे शासन स्तर से सैद्धांतिक मंजूरी मिली, लेकिन अन्य स्वीकृति मिलना बाकी थी। सदन में पिछले सालों में खाल को लेकर लगातार मामले उठे है, अब मामला जब अंतिम दौर में था तो ट्रीटमेंट प्लांट की ड्राइंग डिजाइन की बात कहकर इसे टाल दिया। अब इस प्रोजेक्ट के साथ शहर को भी इस सौगात के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

जल्द मिलेगी सभी प्रोजेक्ट को मंजूरी
पीलिया खाल की डीपीआर पर पहले ही सैद्धांतिक सहमति मिल गई है और दोनों पुलिया के प्रोजेक्ट भी विभाग की और से आए पत्र के बाद ही बनाकर भेजी गई थी। तकनीकी कारणों से जरूर देरी हुई है, लेकिन इसमें संशोधन के बाद फिर से भेजेंगे, जल्द पुलियाओं के साथ खाल को तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू करवाएं जाएंगे।
-अनिल दसेड़ा, अध्यक्ष, नपा, जावरा

बैठक में मिल जाएगी स्वीकृति
किसी भी प्रोजेक्ट पर तकनीकी स्वीकृति के बाद ड्राइंग डिजाईन बनाई जाती है। ऐसा नियम है। वरिष्ठ अधिकारियों ने डीपीआर के समय बोला था कि ड्राइंग डिजाइन भी बनाई जाए। २१ फरवरी को विभाग के अधिकारियेंा के साथ बैठक है। उसमें जैसा निर्देश मिलेगा। वैसा वहीं पर कर लेंगे और बैठक के दौरान शहर से जुड़े इन प्रोजेक्ट पर अंतिम मुहर लग जाएगी। इसके बाद काम की शुरुआत करवाई जाएगी
-एपीएस गहरवार, सीएमओ, नपा, जावरा

सीएम की घोषणा के सभी काम पूरे होंगे
क्षेत्र से जुड़े कामों को लेकर सदन में सवाल उठाने के बाद विभागीय प्रक्रिया चली और डीपीआर इसके बाद बनी है। सरकार से लेकर सदन तक हर मुद्दें पर हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। सीएम की घोषणाओं के सभी कामों को लेकर सदन में सवाल किए है। शहर की जनसुविधाओं से जुड़े हर काम पूरे होंगे। आगामी दिनों में काम जमीन पर होंगे और जनसुविधाओं का विस्तार होगा।
-डॉ. राजेंद्र पांडेय, विधायक, जावरा