
सहारनपुर। जिले में भड़की जातीय हिंसा की घटना के बाद सुर्खियों में आई भीम आर्मी ने एक बार फिर से आस्तीनें चढ़ा ली हैं। जिसके चलते रविवार को सहारनपुर से दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी के विशाल मैदान में भीम आर्मी के पदाधिकारी समेत भारी संख्या में महिलाएं एंव पुरुष इकट्ठा हुए। यहां मुख्य रूप से भीम आर्मी सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यहां आसपास के जिलों से भारी संख्या में यहां लोग पहुंचे हैं और चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के आयोजक का कहना है कि यह महज एक औपचारिक प्रोग्राम है और आज इस प्रोग्राम के मंच से चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के लिए शुरू होने वाले आंदोलन-धरनों की घोषणा की जाएगी और जब तक चंद्रशेखर उर्फ रावण जेल से रिहा नहीं हो जाते तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
सुबह से ही जुटनी शुरु हुई भीड़
भीम आर्मी के पदाधिकारियों और आयोजकों को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पहले इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। दरअसल, यह कार्यक्रम सहारनपुर के गांधी पार्क मैदान में होना था, लेकिन वहां अनुमति रद्द किए जाने के बाद आयोजकों को दिल्ली रोड स्थित कांशी राम कॉलोनी के सामने मैदान में आयोजित करने की अनुमति दी गई। हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन को यह उम्मीद नहीं थी कि इस प्रोग्राम में हजारों की संख्या में भीड़ जुट जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से सुबह से ही कांशी राम कॉलोनी के सामने स्थित मैदान में फोर्स तैनात कर दिया गया था। दोपहर 1 बजे तक इस विशाल मैदान में हजारों की संख्या में भीम आर्मी से जुड़े दलित समाज के लोग और मुस्लिम समाज के लोग पहुंच चुके थे। खास बात यह रही कि इस प्रोग्राम में महिलाएं, व्रद्ध और बच्चे भी शामिल हुए हैं। गौर हो तो भीम आर्मी के अधिकांश पदाधिकारी युवा हैं, लेकिन इस प्रोग्राम में चंद्रशेखर उर्फ रावण के लिए महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची।
भीम आर्मी सेना ने इस प्रोग्राम का नाम भीम आर्मी एकता मिशन SC ST OBC एवं अल्पसंख्यक महासम्मेलन रखा। प्रोग्राम के मंच पर लगे मुख्य बैनर पर लिखा है कि भीम आर्मी मांग कर रही है कि चंद्रशेखर को रिहाई दे यह सरकार। यानि इस पूरे कार्यक्रम में भीम आर्मी सेना की ओर से मुख्य मांग यही रही कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहाई दी जाए। इस दौरान यह भी सवाल उठाया गया कि 27 मुकदमों में बेल होने के बावजूद भी आखिर चंद्रशेखर उर्फ रावण जेल में क्यों हैं। इसके अलावा यहां मुख्य रूप से सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुई घटना में जले दलितों के घर के मामलों को भी उठाया गया। साथ ही देश में दलितों के साथ हुई अन्य घटनाओं का जिक्र भी किया गया और उन सभी मामलों में जांच की मांग की गई कासगंज हिंसा को भी इस मंच से उठाया गया।
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भीम आर्मी ने दिखाई अपनी ताकत
उत्तर प्रदेश में बसपा के राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा जाने के बाद अब भीम आर्मी ने अपनी ताकत दिखाई है। इस प्रोग्राम के जरिए भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने कहीं ना कहीं यह साबित करने की भी कोशिश की है कि उनके साथ इतने लोग हैं। इतनी बड़ी संख्या में दलित समाज उनके साथ है। इस कार्यक्रम में मुस्लिमों को भी न्यौता दिया गया और कुछ मुस्लिम भी इस प्रोग्राम में पहुंचे। प्रोग्राम का नाम भी अल्पसंख्यक महासम्मेलन रखा गया। इससे यह जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं भीम आर्मी सेना के पदाधिकारी वेस्ट यूपी में भीम आर्मी सेना के लिए जमीन भी तलाश रहे हैं। यह अलग बात है कि हर बार पूछने पर भीम आर्मी के पदाधिकारी साफ तौर पर यही जवाब देते हैं कि भीम आर्मी एक गैर राजनीतिक संगठन है और राजनीति से भीम आर्मी सेना का कोई लेना देना नहीं है।
Updated on:
18 Feb 2018 05:47 pm
Published on:
18 Feb 2018 05:37 pm
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