
हाथियों ने एक घर को इस प्रकार पहुंचा नुकसान।
जशपुरनगर. जिले के कांसाबेल वन परिक्षेत्र के चार गांवों में आधा दर्जन हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। ६ जंगली हाथियों के इस झुंड ने इन चार अलग-अलग गावों के 13 घरों को जमकर नुकसान पहुंचाया। इन घरों के बाडियों में लगे केले, गन्ना, गोभी सहित अन्य सब्जी के फसलों को रौंद कर, हाथी घरों में रखे अनाज को भी चट कर गया है। फिलहाल क्षति हुए मकान एवं फसलों का आंकलन करने में वन विभाग की टीम जुटी हुई है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक पत्थलगांव वन परिक्षेत्र से कांसाबेल वन परिक्षेत्र में पहुंचे 6 हाथियों के दल ने मुख्यालय के समीप मधुबन जंगल में डेरा जमाए हुए थे। रात को अचानक हाथियों का दल चिड़ौरा गांव में आ धमका, जहां गांव में हाथियों की चिंघाडऩे की आवाज सुनकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से निकल भागने लगे और किसी तरह अपनी जान बचाई। इस बीच हाथियों के दल ने यहां 4 घरों को तोड़ा, इसके बाद हाथियों का दल पास के गांव कुसुमताल में 3 घरों को तोड़ते हुए महादेवमुड़ा पहुंचे, जहां मकान को निशाना बनाते हुए फसलों को भी रौदा। यहां 3 घरों को तोड़ते हुए हाथी लमडांड जा पहुंचे, वहां 3 घरों को निशाना बनाते हुए घर में रखे अनाज को चट कर दिया। जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम लगातार हाथियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को जंगल की ओर न जाने की नसीहत भी दी जा रही है। रेंजर प्रभावती चौहान ने बताया कि घरों के साथ फसल नुकसान का क्षति पूर्ति के लिए आंकलन किया जा रहा है। वर्तमान में हाथियों का दल अलग अलग क्षेत्र में विचरण कर रहा है। एक हाथी पत्थलगांव वन परिक्षेत्र की ओर निकल गया है, साजापानी जंगल में एक हाथी, गातीमहुआ डांडपानी जंगल में 4 हाथी अभी डेरा जमाए हुए हैं। हाथियों के निगरानी के लिए विभाग द्वारा दल गठित की गई है और सतत रूप से लोगों को हाथी से सावधान रहने के लिए, क्षेत्र में लगातार अपील की जा रही है।
हाथी प्रभावितों ने रिटायर्ड फौजी के घर लिया आश्रय - क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि 6 हाथियों के इस दल ने इन दिनों जंगल से सटे इलाकों में जमकर उत्पात मचा रखा है। बीती रात को हाथियों के दल ने 4 गांव में 13 घरों को तोड़ा है, साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के दल ने कुसुमताल निवासी मसत राम के घर को पूरी तरह से उजाड़ कर बेघर कर दिया। मौके पर वन विभाग की टीम पहुंच कर इस परिवार को गांव के ही रिटायर्ड फौजी मनमसी खाखा के घर में रहने के लिए आश्रय दिलाया। ग्रामीणों का कहना है कि वो गांव में हाथियों के कहर से लोग रात को रतजगा करने को मजबूर हैं।
Published on:
25 Feb 2024 11:42 pm

