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जहाँ नहीं चलती रहीसों की बड़ी गाड़ियां वहां नंगे पांव चलते हैं यह बच्चे, कंधे पर उठाए होते हैं सरकारी शिक्षा का बोझ !

Muddy roads नहीं है कोई इनका हाल देखने पूछने वाला , बस बस्ता उठाकर नंगे पांव चल पड़ते हैं स्कूल की ओर

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Children are going to school through mud drenching roads

शासन की अजब गजब व्यवस्था: बच्चे घर से निकलते हैं तैयार होकर लेकिन स्कूल पहुंचते तक हो जाते हैं सफ़ेद कपडे मैले

कोतबा. कीचड़ से सराबोर दलदल युक्त सडक़ मार्ग पर स्कूली छात्र छात्राओं को स्कूल जाने की मजबूरी बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है, नगर प्रशासन के इस रवैये से पालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मामला कोतबा नगर पंचायत के उपेक्षित वार्ड क्रमांक 13 लकड़ामुड़ा की है।

इस वार्ड के रहवासी दादू लाल, चतुर सोनी, कृष्णा सोनी सहित अन्य लोगो ने बताया कि मामले को लेकर वार्ड पार्षद सहित नगर पंचायत के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई पहल नही किया जाना इस वार्ड से सौतेला व्यवहार हैं। वार्ड वासियों के मुताबिक रोज दिन कोई न कोई बच्चा इस मार्ग में फिसलकर गिर जाता है और वह रोते हुए कीचड़ से सने कपड़े में घर लौट जाता है जिससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

ऐसे में पालक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते है। उक्त वार्ड में एक प्राथमिक शाला है, जिसमें वार्ड 13 के दो दर्जन से भी अधिक बच्चे अध्यापन करते हैं और सभी बच्चे इसी मार्ग से आना जाना करते हैं। अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय में आवागमन के लिए मुरुम डालकर इसे बेहतर बनाया जा सकता है, लेकिन सबकुछ जानकर भी नगर पंचायत मामले की अनदेखी कर रहा हैं।

नपं बने हो गए 10 वर्ष : वार्डवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत गठन के 10 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो चुका है और कई वार्ड ऐसे है जहां दो दो बार सीसी रोड का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन इस वार्ड के कच्ची सडक़ को एक बार भी निर्माण नही किया जाना इन वार्डवासियों को उपेक्षित रखा जाना है।

जर्जर स्कूल भवन के लिए हुआ था आंदोलन : विदित हो कि इस वार्ड वासियों के द्वारा दो वर्ष पूर्व स्कूल भवन के जर्जर होने और एकल शिक्षक के पदस्थापना को लेकर बच्चों को सामूहिक रूप से स्कूल से घर ले जाकर स्कूल का बहिष्कार किया गया था और तब तक स्कूल नहीं भेजा गया था जब तक उनकी मांग पूरी नही की गई थी तब आनन फानन में शिक्षा विभाग के द्वारा भवन का मरम्मत कर एक अन्य शिक्षक की पदस्थापना की थी।