
जर्जर भवन की मरम्मत कर आत्मानंद स्कूल शुरू करने की तैयारी।
जशपुरनगर. जिले के फरसाबहार ब्लाक के सबसे पुराने स्कूल के रूप मे जाने, जाने वाला तपकरा स्कूल जिसका संचालन 1969 से हो रहा है इस हायरसेकेडरी स्कूल की हालत बहुत खराब है। यहां के खस्ताहाल भवन की टूटी हुई खिड़कियां, टूटी हुई छत, छत से टपकता पानी, और स्कूल के भवन की दीवारों पर पड़ी दरारें इसका प्रमाण देते हैं। इस स्कूल से पढऩे वाले छात्र आज के समय में राजनीतिक तथा प्रशासनिक क्षेत्र में बहुत आगे जा चुके हैं, मगर आज इस जर्जर स्कूल पर ध्यान देने वाला कोई नहीं। तपकरा में स्वामीआत्मानंद स्कूल की घोषणा मुख्यमंत्री ने स्वयं पम्पशाला के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत की थी। इस क्रम में कुनकुरी विधायक के द्वारा पूरे विधि विधान से 12 नवम्बर 2022 को इसका भूमि पूजन भी किया था। 159.51 लाख रुपए की लागत से यहां आत्मानंद स्कूल बनाया जाना था, पर भूमि पूजन के छ: माह बीत जाने के बाद भी आज तक यहां निमार्ण के लिए एक ईंट तक नहीं रखा गया। इस संबंध में युवा कांग्रेस के नेता अमर कुमार सोनी का कहना है कि मुख्यमंत्री के घोषणा तथा विधायक के भूमि पूजन उपरांत आज तक इस स्कूल के नए भवन का कार्य प्रारंभ ना होना बेहद दूर्भाग्यपूर्ण है, ठेकेदार को जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ करना चाहिए तथा विभाग के द्वारा शेष जर्जर भवन की मरम्मत कराई जानी चाहिए जिससे बच्चों को शिक्षाग्रहण में कोई दिक्कत ना हो।
पुराने 6 कमरों की ही कराई जा रही मरम्मत- इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार तपकरा में मुख्यमंत्री की घोषणा के के पालन में स्वामी आत्मानंद स्कूल के संचालन के लिए जहां 16 अध्ययन कक्ष, तीन लैब रूम, एक कम्प्यूटर कक्ष की आवश्यकता पड़ेगी। उसके स्थान पर पुराने छ: कमरों का ही जिणोद्धार कराया जा रहा, यह छ: कमरे भी अब तक पूण रूप से पूरे नहीं हुए हैं। यहा अभी पुट्टी का कार्य चल रहा है। अभी भी छ: कमरो में से दो कमरों की तीन खिड़किया नहीं लगी है और बिजली वायरिंग एव पेंट का कार्य तो अब तक प्रारंभ ही नहीं किया गया है जबकी 16 जून से कक्षाएं लगनी आरंभ हो जाएंगी।
स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामानों से भरी है कक्षा - जानकारी के अनुसार पुराने अध्ययन कक्ष में स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामान रख दिए गए हैं। इन अध्ययन कक्ष की हालत भी ठीक नहीं है, इनकी भी मरम्मत की जरूरत है यहां और 14 ऐसे कमरे हैं, जिनकी मरम्मत कराने की जरूरत है। ग्रामीण बताते हैं कि, इस स्कूल में अधिकांश भवन की हालत जर्जर होने के कारण बच्चों की कक्षाएं सायकल स्टैंड तक में लगाई जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, आरएमएस का भी जीर्णोद्धार अभी शेष है, इस भवन की हालत भी ठीक नहीं है। फिलहाल अभी स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए लोग फार्म भरने संबंधित कार्यो से प्रिंसिपल कक्ष में जा रहे हैं, इस कक्ष की छत के लकडिय़ों को भी दीमकों ने खोखला कर रखा है, इस हालत में भी इस कार्यालय में कार्य का संपादन हो रहा है। अब देखना ये है कि स्वामी आत्मानंद के स्कूल के संचालन के लिए जहां 20 कमरों की आवश्यकता है, वहीं विभाग मात्र छ: कमरों का जीर्णोद्धार करा कर 20 कमरों की कमी कैसे पूरी करता है।
& उच्च अधिकारियों को सारी जानकारी दे दी गई है।
- दुर्गेश देवांगन, बीईओ फरसाबहार।
जर्जर भवन की मरम्मत कर आत्मानंद स्कूल शुरू करने की तैयारी।
Published on:
09 May 2023 12:04 am
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