
road
जशपुरनगर। Road Accident : चाहे अनचाहे में जशपुर प्रदेश के सर्वाधिक सडक़ हादसों और इन हादसों में मरने वालों के आंकड़े से प्रदेश का अव्वल जिला बन चुका है। प्रदेश की राजधानी में पुलिस और यातायात विभाग की बैठकों और सम्मेलनों में जशपुर जिले में सडक़ हादसों में होने वाली मौतों के भयावह आंकड़ों को लेकर चर्चा और चिंता होने लगी है।
सडक़ हादसों में मौत के आंकड़ों के संबंध में जशपुर जिले की बात करें वर्ष २०१८ की तो 330 सडक़ दुर्घटनाओं में 280 लोगों की मौत हुई और 162 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2019 में 386 सडक़ दुर्घटनाओं में 220 लोगों की मौत हुई और 319 लोग घायल हुए कोरोना काल के दौरान के वर्ष 2020 की बात करें तो लॉकडाउन और यातायात के थमने की वजह से और वर्षोंं की तुलना में सडक़ हादसों में मरने वालों की संख्या काफी कम थी। २०२० में २०५ सडक़ हादसों में १५४ लोगों की जाने गईं, जब बसों ट्रकों और और अन्य यातायात पर लगभग ६ महिनों तक प्रतिबंध लगा हुआ था और कुछ महिने तो लोगों के घरों तक से बाहर निकलने पर प्रतिबंध था।
यह भी पढ़ें : झंडा लगाने से मना करने पर युवक पर जानलेवा हमला, तीन आरोपी हिरासत में लिए गए
नशे की हालत में वाहन चलाने की आदत घातक
आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में जहां लोगों को 3 किलो तक की कच्ची शराब बनाने, बेचने और उसके सेवन करने की छूट हो वहां नशे की हालत में वाहन चलाना बेहद आम बात है। किसी काम से शहर आना और फिर घर की ओर लौटते समय शराब का सेवन कर दो पहिया, चार पहिया वाहन में सफर करना यहां आम बात है। यही वजह है की सडक़ हादसे और फिर उसमें लोगों की अकाल मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जशपुर जिले में वाहनों की आमने-सामने की टक्कर खास करके दो पहिया वाहनों की आमने-सामने की भिड़ंत और फिर उसमें मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इसके पीछे वजह है वाहन चलाते समय लोगों के बाएं या दाएं मुडऩे को लेकर किए गए गलत फैसले जो अधिकांश मामलों में लोगों के लिए मौत का सबब साबित होती हैं। यही कारण भी है कि दोपहिया वाहनों के आमने-सामने की भिड़ंत यहां आम बात है। इसी प्रकार यहां की कई स्टेट हाईवे, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ और स्थानीय सडक़ों में तकनीकी रूप से भी सडक़ निर्माण में गलतियां की गई हैं, जो दुर्घटना और लोगों की मौत का सबब साबित हो रही हैं।
Published on:
29 Oct 2023 03:13 pm
बड़ी खबरें
View Allजशपुर नगर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
