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पत्थलगांव विधायक पर गलत तरीके से वन भूमि का पट्टा हासिल करने का लगा आरोप

आरोप: किसानों ने पत्थलगांव एसडीएम और जशपुर पहुंचकर कलेक्टर से की शिकायत

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Farmers came to complain.

शिकायत करने पहुंचे किसान।

जशपुरनगर. पत्थलगांव तहसील के पालीडीह गांव के किसानो ने पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह पर उनके कब्जे की जमीन पर गलत तरीके से अपने प्रभाव में लेने पर एसडीएम पत्थलगांव और कलेक्टर से शिकायत की है। बुधवार को पत्थलगांव से जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचकर जगेश्वर दास, रमली उरांव, महेश लकड़ा, राम भगत, हरिराम ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए, दनके कब्जे वाली वनभूमि पर विधायक का पट्टा निरस्त कर किसानों को उनकी कब्जे की जमीन दिलाने की मांग की है। जागेश्वर दास ने बताया कि खसरा नंबर 93 की जमीन लाखझार आदि ग्रामीणों का शुरू से कब्जा है, हमारे पूर्वज इस जमीन पर कई पीढ़ी से खेती करते आ रहे हैं। ऐसे में उपखण्ड स्तर वन समिति के अध्यक्ष एसडीएम रामशिला लाल एवं उपखण्ड स्तर वन समिति के सदस्य जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पवन कुमार पटेल, वन विभाग के एसडीओ आरपी सिंह, एवं मण्डल संयोजक जनपद पंचायत सदस्य मुकेश पैंकरा, राधेश्याम गुप्ता बसन्ती निज द्वारा पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह को उक्त बड़े झाड के जंगल खसरा नंबर 93 में से रकबा 5.332 में से 0.506 हेक्टेयर भूमि आबंटित कर दी गई, जबकि यहां रामपुकार सिंह की कब्जे की कोई जमीन भी नहीं है, ना ही किसी प्रकार का कोई कब्जा है ना ही कभी रामपुकार सिंह द्वारा खेती कराया जाता रहा है। उन्हे वन अधिकार पट्टा के लिए पात्र घोषित कर हम गरीबों के साथ अन्याय किया है।

नियम का पालन करके वन भूमि लेने की दलील - वन भूमि का पट्टा लेने वालों में पत्थलगांव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरगोविन्द अग्रवाल का भी नाम है। इस संबंध में उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विपक्ष मुद्दा बना रही है, उस जमीन पर उनका 65 साल का कब्जा है और पट्टा पूरी प्रक्रिया के तहत लिया गया है। सरकार ने सभी वर्ग के लोगों के लिए पट्टा जारी करने के नियम बनाए हैं। सरकार की योजना का लाभ लेना कोई गुनाह नहीं है और दूसरी बात की करीब साढ़े 6 सौ लोगों का इसमे नाम है, वह अकेले नहीं है और सभी काम विधिसम्मत किया गया है।

सांसद ने विधायक पर गरीबों का हक छीनने का आरोप लगाया- सांसद गोमती साय ने पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंह पर हमला बोलते हुए उन पर वन भूमि में पहले से काबिज गरीब आदिवासियों से उनका हक छीनने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि गरीबों को उनकी उनके कई पीढ़ी से कब्जे की जमीन से बेदखल ना करते हुए विधायक रामपुकार सिंह का वन भूमि का पट्टा कैंसिल किया जाय। राज्य सरकार आदिवासी परिवारों को वन भूमि का पट्टा देने का दम भरती है वही उनके विधायक खुद हितग्राही बनकर गरीबों हक छीन रहे है।

मामले के विरोध में सामने आए भाजयुमो नेता- भाजपा नेता भी ग्रामीणों के समर्थन में विधायक का विरोध करने पहुंच गए। भाजयुमो ने लिखा है कि भूमिहीन गरीब, मजदूरों के लिए आबंटित होने वाले भूमि पर अब कांग्रेसी कब्जा कर रहे हैं। विधायक और कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष को वन अधिकार पट्टा आबंटित किया जा रहा है। किस प्रक्रिया और पैमाना का पालन करते हुए विधायक और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष को पट्टा आबंटित किया गया है। ये उन्हें सामने आकर बताना चाहिए, जो भूमि इन्हें आबंटित किया गया है उसमें ये कितने दिन तक काबिज थे, उनके पास कितनी पुश्तैनी जमीन है, कितनी उन्होंने खरीदी है।

& मामले की शिकायत किसानो ने की है, वन भूमि मामले की फाइल जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजी जा रही है। - आकांक्षा त्रिपाठी, एसडीएम पत्थलगांव।