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एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य पर धर्मान्तरण के लिए उकसाने का आरोप

मांग पूरी न होने पर, सन्ना में उग्र आंदोलन की जिला प्रशासन को दी चेतावनी

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Principal of Eklavya Residential School accused of inciting conversion

एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य पर धर्मान्तरण के लिए उकसाने का आरोप

जशपुरनगर. जशपुर जिले के नए तहसील मुख्यालय सन्ना में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां की प्राचार्य अंजना तिर्की पर, छात्रावास में निवासरत बच्चों पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करने और धर्मांतरण करने के लिए बच्चों को उकसाने का आरोप लगाते हुए, उन्हें तत्काल हटाने की सन्ना के कुछ लोगों के द्वारा मांग की गई है। इस मामले में प्राचार्य के विरोध में खड़े लोगों का कहना है कि मांग पूरी न होने पर, सन्ना में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। मंगलवार को कलेक्टर डॉ रवि मित्तल को ज्ञापन सौंपने आए विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता अभियान से जुड़े मधुसुदन भगत, परीक्षित यादव, रामप्रसाद नागेश ने बताया कि प्राचार्य अंजना तिर्की, शुरू से विवादित रही है। वर्ष 2012 में उन पर, छात्रावास में रोजरी लाकेट लगा हुआ माला, छात्रावास में वितरीत करने का गंभीर आरोप लगा था। इस मामले की जांच के बाद जिला प्रशासन ने छात्रावास से अंजना कुजूर को हटा दिया था। लेकिन लगभग 1 साल बाद उन्हें फिर से एकलव्य छात्रावास में पदस्थ कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पदस्थापना के बाद से ही अंजना कुजूर, धर्म विशेष के बच्चों को त्यौहार मनाने से दबाव पूर्वक रोकती है। छात्रों के स्वजनों को भी मिलने नहीं देती है।

शिकायतकर्ताओं ने आरोपों की लगा दी झड़ी - कलेक्टर को सौपें गए ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं की माने तो, इस विद्यालय में लगातार बिगड़ते हुए वातावरण से परेशान हो कर शिक्षकों के साथ छात्र भी स्कूल छोड़ रहें हैं। इससे संस्था की छवि भी प्रभावित हो रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में एकलव्य स्कूल का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुआ था। इसमें प्राचार्य अंजना तिर्की, स्कूल के बच्चों को रोजरी, क्रूस लगा हुआ माला बांटते हुए दिखाई दे रही थी। वीडियो के सामने आते ही सरकारी स्कूल में धर्मांतरण के आरोप लगाते हुए, जमकर बवाल हुआ था। भाजपा के दिग्गज नेता रहे तात्कालीन लोकसभा सांसद दिलीप सिंह जूदेव ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए, तत्कालीन सरकार को प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। जशपुर के तात्कालीन भाजपा विधायक के साथ हिंदू संगठनो के सैकड़ों लोग सडक़ में उतर आए थे। इस परएजिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए, अंजना तिर्की को स्कूल से हटा दिया था। लेकिन, साल भर पहले एकलव्य स्कूल की एक छात्रा के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद, तात्कालीन प्राचार्य को हटा कर, अंजना तिर्की को पुन: सन्ना के एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ कर दिया गया है।

वर्सन- मुझ पर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। बच्चों को सरकार की मंशा के अनुरूप बेहतर शिक्षा देने के लिए, मैं 24 घंटे ड्यूटी कर रही हूं। इसके बाद, इस तरह का अनर्गल आरोप क्यों लगाया जा रहा है, मैं समझ नहीं पा रही हूं।
अंजना तिर्की, प्राचार्य, एकलव्य आवासीय विद्यालय, सन्ना।

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