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कर वूसली में जशपुर नगर पालिका का बुरा हाल, चालू वित्त वर्ष में मात्र इतनी प्रतिशत ही कर पाई वसूली

वसूली को देखते हुए नगर पालिका के कर्मचारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध

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कर वूसली में जशपुर नगर पालिका का बुरा हाल, चालू वित्त वर्ष में मात्र इतनी प्रतिशत ही कर पाई वसूली

जशपुरनगर. चालू वित्त वर्ष के दौरान बकाया करों की वसूली में नगर सरकार के कर्मचारी फिसड्डी साबित हो रहे हैं। वित्त वर्ष की समाप्ती को अब मात्र 24 दिन ही शेष रह गए हैं और नगर सरकार का आंकड़ा 43 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। अब शेष बचे हुए दिनों में पालिका के राजस्व विभाग के कर्मचारियों के सामने 57 प्रतिशत राजस्व वसूली की चुनौती बनी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए पालिका के सीएमओ बसंत बुनकर ने पालिका के कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
राजस्व वसूली में जुटे हुए पालिका के कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या सम्पत्ति कर में छूट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र में सरकार बनने पर संपत्तिकर में 50 प्रतिशत तक छूट दिए जाने की घोषणा की थी।

चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि बिजली बिल की तरह ही उन्हें संपत्ति कर से भी बड़ी राहत मिलेगी। यहीं वजह है कि पालिका कर्मचारियों के द्वारा जल कर और संपत्तिकर की वसूली के लिए घर-घर जा कर दस्तक दिए जाने के बावजूद लोग उन्हें खाली हाथ लौटा रहे हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद पालिक के कर्मचारी राजस्व वसूली के लक्ष्य का आधा राजस्व भी हासिल नहीं कर पाए हैं। पालिका के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में नगरवासियों से संपत्ति कर, समेकित कर, जलकर, बाजार शुल्क, दुकानों का किराया सहित अन्य मदों से 1 करोड़ 18 लाख 87 हजार रूपए की वसूली की जानी है। इसके विपरीत 28 फरवरी की स्थिति में पालिका के कर्मचारी मात्र 79 लाख 22 हजार की वसूली ही कर पाए है।
राजस्व वसूली की इस कमजोर स्थिति को देखते हुए पालिका के सीएमओ ने 26 फरवरी को एक आदेश जारी कर राजस्व शाखा के सभी कर्मचारियों के अवकाश पर आगामी आदेश पर्यंत पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस आदेश में सीएमओ ने इन कर्मचारियों को अवकाश के दिनों में राजस्व वसूली का कार्य करके वित्त वर्ष के अंत तक शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
विकास व सुविधा के लिए जरूरी है राजस्व : नगर पालिका को विभिन्न करों से प्राप्त होने वाले राजस्व का इस्तेमाल नगर के विकास और नगरवासियों को दिए जाने वाली सेवाओं के संचालन के लिए किया जाता है। इस राजस्व से नगर सरकार शहर की सफाई, जल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट जैसे सेवाओं को संचालित किया जाता है। राजस्व संग्रहण में गिरावट आने से इस सेवाओं और विकास कार्यो पर भी असर पड़ता है। वहीं जानकारों का कहना है कि संपत्ति कर में छूट को लेकर नगरवासियों को असमंजस में नहीं रहना चाहिए। अब तक प्रदेश सरकार ने इसके लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है। इससे जाहिर होता है कि अगर इस संबंध में सरकार कोई निर्णय लेती भी है तो वह संभवत: अगले वित्त वर्ष से लागू होगी। अगर सरकार इसे चालू वित्त वर्ष में भी लागू करती है तो करदाताओं के द्वारा अदा की गई राशि को अगले वर्ष में समायोजित कर दिया जाएगा।